TN Election में कांग्रेस ने जारी किया घोषणापत्र , 3 लाख नौकरियां और ‘रेबीज-फ्री' तमिलनाडु का एजेंडा होगा हिट?
TN Election Congress Manifesto: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के लिए सियासी पारा अपने चरम पर है। इसी बीच कांग्रेस पार्टी ने अपना चुनावी घोषणापत्र (Manifesto) जारी कर दिया है, जिसे पार्टी ने राज्य के भविष्य का 'ब्लूप्रिंट' करार दिया है जिसमें रोजगार, स्वास्थ्य और सार्वजनिक सुविधाओं को लेकर कई बड़े वादे किए गए हैं।
कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने घोषणापत्र जारी करते हुए कई बड़े वादे किए, जिनमें युवाओं के लिए रोजगार और जनस्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर विशेष जोर दिया गया है।

कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम (Karti Chidambaram) ने घोषणापत्र जारी करते हुए कहा कि यह दस्तावेज़ अगले पांच वर्षों के लिए राज्य के विकास का रोडमैप होगा। उन्होंने भरोसा जताया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल तमिलनाडु में सरकार बनाने में सफल होंगे।
3 लाख सरकारी नौकरियां और युवाओं पर फोकस
कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में राज्य के युवाओं के लिए बड़ा ऐलान किया है। पार्टी ने वादा किया है कि यदि उनकी गठबंधन सरकार सत्ता में आती है, तो राज्य में खाली पड़े 3,00,000 (3 लाख) सरकारी पदों को तत्काल भरा जाएगा।
कार्ति चिदंबरम ने कहा, "हम इस घोषणापत्र को अगले पांच वर्षों के लिए तमिलनाडु की शासन व्यवस्था के एक खाके के रूप में देखते हैं। हमारा लक्ष्य युवाओं को सम्मानजनक रोजगार देना है।"
'रेबीज मुक्त तमिलनाडु' और आवारा कुत्तों का मुद्दा
घोषणापत्र का एक और अनूठा और चर्चित हिस्सा है 'रेबीज मुक्त तमिलनाडु' (Rabies-Free Tamil Nadu) का संकल्प। हाल के समय में आवारा कुत्तों के हमलों और रेबीज के बढ़ते मामलों को देखते हुए कांग्रेस ने इस समस्या के समाधान के लिए एक व्यापक योजना पेश की है। कांग्रेस ने वादा किया है कि पूरे तमिलनाडु में सभी आवारा कुत्तों की नसबंदी (Sterilisation) की जाएगी ताकि उनकी आबादी को नियंत्रित किया जा सके और राज्य को रेबीज से पूरी तरह मुक्त बनाया जा सके।
तमिलनाडु चुनाव 2026 को लेकर क्या है कांग्रेस की रणनीति?
तमिलनाडु की सभी 234 विधानसभा सीटों पर 23 अप्रैल, 2026 को मतदान होने हैं। राज्य में चुनाव प्रचार अपने अंतिम दौर में है। राज्य में चुनावी मुकाबला मुख्य रूप से सत्ताधारी डीएमके-कांग्रेस गठबंधन (Secular Progressive Alliance) और अन्नाद्रमुक (AIADMK) के नेतृत्व वाले गठबंधन के बीच माना जा रहा है।
कार्ति चिदंबरम ने विश्वास जताया कि कांग्रेस और डीएमके का गठबंधन एक बार फिर जनता का भरोसा जीतने में सफल रहेगा। उन्होंने कहा कि यह घोषणापत्र केवल वादों का पुलिंदा नहीं है, बल्कि एक कार्ययोजना है जिसे जमीनी स्तर पर लागू किया जाएगा। सरकारी नौकरियों और स्वास्थ्य सुरक्षा जैसे मुद्दों को उठाकर कांग्रेस ने मध्यम वर्ग और युवाओं को साधने की कोशिश की है।












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