पीएम मोदी की प्रचंड जीत के बाद बदला टाइम मैगजीन का रूख, तारीफ में गढ़े कसीदे
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वॉशिंगटन। अभी ज्यादा समय नहीं बीता है जब अमेरिकी मैगजीन टाइम (Time Magazine) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर 'डिवाइडर इन चीफ' (Divider in Chief) टाइटल के साथ एक लंबा चौड़ा आर्टिकल लिखा था। अब मोदी की एतिहासिक विजय के बाद मैगजीन के सुर बदल गए हैं। मैगजीन ने अब एक आर्टिकल लिखा है जिसमें कहा है कि पीएम मोदी ने जिस तरह से देश को संगठित किया है, वह कोई और पीएम दशकों में नहीं कर सका है। पीएम मोदी की अगुवाई में बीजेपी ने हाल ही में खत्म हुए लोकसभा चुनावों में 305 सीटें हासिल की हैं। वहीं एनडीए गठबंधन को चुनावों में 352 सीटें मिली हैं।

देश को संगठित करने वाले पीएम
मैगजीन ने लिखा है कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में भारत में 600 मिलियन से ज्यादा वोटर्स ने मतदान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इन वोटर्स की वजह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बीजेपी को एक प्रचंड जीत हासिल हुई। लेकिन यह चुनाव कोई औपचारिकता नहीं थे। कड़ी आलोचना के बाद भी मोदी ने जिस तरह से भारतीय मतदाताओं को संगठित किया वह पिछले पांच दशकों में कोई और पीएम नहीं कर पाया। टाइम मैगजीन के मुताबिक आखिरी बार सन् 1971 में कोई भारतीय पीएम दोबारा निर्वाचित हो सका था। पीएम मोदी के गठबंधन ने 50 प्रतिशत से बस कुछ ही कम राष्ट्रीय वोट हासिल करने में सफलता पाई।

गरीबों के लिए बनाईं नीतियां
मैगजीन ने लिखा है कि पीएम मोदी लगातार दूसरी बार जीत कर संसद में पहुंचे हैं और उन्हें यहां तक पहुंचाने में उनकी देश के गरीब तबके के कल्याण के लिए बनाई गईं नीतियां काफी हद तक जिम्मेदार हैं। अपनी सामाजिक प्रगतिशील नीतियों की वजह से पीएम मोदी कई भारतीयों जिसमें हिंदु और धार्मिक अल्पसंख्यक समुदाय शामिल थे, वे काफी तेजी से गरीबी से बाहर आए हैं। मोदी ने देश में स्वच्छता का प्रण लिया। इसका नतीजा है कि जहां पहले 40 से कुछ कम घरों में टॉयलेट्स हुआ करते थे, आज देश के करीब 95 प्रतिशत घरों में टॉयलेट्स हैं और लगभग सभी गांवों में बिजली है।

लेकिन अभी मोदी को करने हैं ये काम
मैगजीन के मुताबिक पीएम मोदी के सुधार कार्यों की वजह से महंगाई नियंत्रण में आई है। पहले यह 12 प्रतिशत से ज्यादा हुआ करती थी लेकिन अप्रैल 2019 में यह तीन प्रतिशत से भी कम रही। वही व्यापार घाटा भी जो 10 वर्ष पहले तक 6.46 प्रतिशत पर था अब 3.42 प्रतिशत पर आ गया है। लेकिन मैगजीन ने यह भी लिखा है कि दूसरी बार पीएम बनने के बाद मोदी को अभी बहुत काम करना है। उन्हें देश में अप्रभावी और भ्रष्ट ब्यूरोक्रेसी में सुधार लाना है और यह एनके लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी। इसके अलावा स्टार्ट-अप इको-सिस्टम के निर्माण को लेकर उन्होंने जो वादा किया था, उसे भी पूरा करना पड़ेगा।












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