अयोध्या में राम मंदिर के 2000 फीट नीचे डाला जाएगा 'टाइम कैप्सूल', आने वाली पीढ़ियां जान सकेंगी जन्मभूमि से जुड़े तथ्य
अयोध्या। 5 अगस्त को अयोध्या में राम मंदिर के लिए भूमि पूजन होना है। अबतक जो जानकारी मिल रही है उसके मुताबिक पीएम मोदी मंदिर निर्माण के लिए पहली ईंट रखेंगे। इसके लिए तैयारियां जोरों पर हैं। इस बीच राम मंदिर निर्माण को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य रामेश्वर चौपाल ने कहा है कि रामजन्मभूमि के इतिहास को सिद्ध करने के लिए जितनी लंबी लड़ाई कोर्ट में लड़नी पड़ी है, उससे यह बात सामने आई है कि अब जो मंदिर बनवाएंगे, उसमें एक 'टाइम कैप्सूल' बनाकर के 2000 फीट नीचे डाला जाएगा।
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ऐसा इसलिए ताकि भविष्य में जब कोई भी इतिहास देखना चाहेगा तो रामजन्मभूमि के संघर्ष के इतिहास के साथ तथ्य भी निकल कर आएगा ताकि कोई भी विवाद यहां उत्पन्न न हो सके। उल्लेखनीय है कि पीएम मोदी द्वारा राम मंदिर की आधारशिला रखने के बाद से मंदिर का निर्माण शुरू हो जाएगा। एलएंडटी कंपनी नींव की खुदाई शुरू करेगी। 200 मीटर की खुदाई के बाद मिली मिट्टी के सैंपल की रिपोर्ट अभी आना बाकी है।
रिपोर्ट के मुताबिक ही नींव की गहराई तय होगी। मंदिर का प्लेटफार्म कितना ऊंचा होगा इसे मंदिर का ट्रस्ट तय करेगा। मंदिर के नींव का प्लेटफार्म तैयार करने में एलएंडटी कंपनी को 3 महीने तक का समय लग सकता है। मंदिर के चीफ आर्किटेक्ट निखिल सोमपुरा के मुताबिक पीएम मोदी के कार्यक्रम के बाद मंदिर की नींव की खुदाई करने के लिए एल एंड टी बड़ी बड़ी मशीनें लग जाएगी। मंदिर का निर्माण कार्य पूरा करने में लगभग साढ़े तीन साल लग सकते हैं।












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