सुब्रत रॉय से मिलने आती थीं एयर होस्टेट, 'केजरीवाल को ये पता था', पूर्व जेल सुपरिंटेंडेंट का सनसनीखेज खुलासा
तिहाड़ जेल के पूर्व सुपरिंटेंडेंट सनुील गुप्ता ने सुब्रत रॉय और दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल को लेकर कई बड़े सनसनीखेज खुलासे किए हैं। पूर्व सुपरिंटेंडेंट सुनील गुप्ता ने यूट्यूबर शुभांकर मिश्रा के साथ उनके शो पर बतौर मेहमान चर्चा के दौरान यह खुलासे किए। उन्होंने बताया कि जेल के अंदर सुब्रत रॉय को सारी फैसिलिटी मिली हुई थी।
इतना ही नहीं, रॉय से दिन में दो-तीन बार एक एयर होस्टेट भी मिलने आती थीं और घंटों तक सेल में उनके साथ रहती थीं। तिहाड़ जेल के पूर्व सुपरिंटेंडेंट ने यह भी दावा किया कि सुब्रत रॉय के सेल से शराब की बोतलें भी पकड़ी गई थीं। उन्होंने इस बात की शिकायत तत्कालीन सीएम अरविंद केजरीवाल से भी की थी। लेकिन, उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की।

न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बातचीत के दौरान तिहाड़ जेल के पूर्व सुपरिंटेंडेंट सनुील गुप्ता ने कहा, 'सुब्रत रॉय को जेल में नहीं, बल्कि कोर्ट कॉमपलेक्स में रखा गया था। क्योंकि, उन्हें काफी सारा पैसा अपने निवेशकों को वापस करना था। सुब्रत रॉय ने कोर्ट में कहा था कि मुझे अपनी संपत्ति बेचनी पड़ेगी और मेरे ज्यादातर खरीदार यूरोप अथवा पश्चिमी देशों में हैं।'
सुब्रत रॉय ने कोर्ट से कहा था कि मुझे ऐसी जगह पर रखा जाए जहां मैं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपने खरीदारों से बात कर सकूं। इसलिए कोर्ट ने उन्हें कॉम्पेक्स देने के लिए कहा था और एक प्राइवेट सेक्रेटरी रखने के लिए भी इजाजत दे दी। इसके बाद रॉय ने एक प्राइवेट सेक्रेटरी रखी थी। लेकिन, उनसे दिन में दो-तीन बार अलग-अलग एयर होस्टेस मिलने आती थीं।
वह किस लिए आती थी, इसकी जानकारी मुझे नहीं है। आप जो भी सोचना चाहे, सोच सकते हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने बताया कि रॉय के सेल से हमनें शराब की बोतलें भी बरामद की थी। तिहाड़ जेल के पूर्व सुपरिंटेंडेंट सनुील गुप्ता ने बताया कि इस बात की जानकारी होने पर वो तत्कालीन सीएम केजरीवाल के पास गए और कहा कि जेल प्रशासन की मिलीभगत से सुब्रत रॉय को ये सुविधाएं मिल रही हैं। यह सभी बात मैंने उन्हें जेल मंत्री की मौजूदगी में बताई।
उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने मुझसे पूछा कि क्या में इसका वीडियो शूट कर सकता हूं। मैंने उनसे कहा कि यह मेले लिए सही नहीं होगा और वह यहां आकर खुद इसकी जांच कर सकते हैं। इसके बाद उन्होंने कहा कि डीजी जेल एक आईपीएस अधिकारी हैं जो केंद्र सरका के अधीन आते हैं और हमें नहीं पता कि हम उनके बारे में कुछ कर सकते हैं या नहीं।
इस दौरान केजरीवाल ने कहा कि अगर छापेमारी में सब कुछ मिला तो अधीक्षक के खिलाफ कार्रवाई करनी होगी। मैंने उनसे कहा कि जब आप अधीक्षक के खिलाफ कार्रवाई करेंगे तो वह कहेंगे कि महानिदेशक के कहने पर वह सब कुछ कर रहे हैं। उन्हें इससे कोई दिक्कत नहीं थी, मैं खुश था।
लेकिन, मेरे कहने पर कोई एक्शन नहीं लिया गया। सुनील गुप्ता ने आगे कहा कि ऐसा लगभग छह महीने तक चलता रहा। लड़कियां आती रहीं, मैं परेशान था और केजरीवाल के पास गया। इसका हर्जाना मुझे भरना पड़ा मैं जिस हफ्ते रिटायर हो रहा था। उसी हफ्ते मुझे पर चार्जशीट दायर किया गया। ये होता है हिन्दुस्तान में।
कहा कि सुब्रत रॉय सुविधाओं का आनंद लेते रहे। जेल प्रशासन उनके सामने झुक गया और फिर उन्होंने मुझे परेशान करना शुरू कर दिया। इसके बाद मैं तत्कालीन उपराज्यपाल से मिला और उन्होंने मुझे अपने सचिव से बात करने को कहा, मैंने ऐसा किया और उन्हें सब कुछ समझाया। लेकिन मेरी कही गई किसी भी बात पर किसी ने ध्यान नहीं दिया।
जब मैं सेवानिवृत्त हो रहा था, तो मुझे 10 साल पुराने वित्तीय अनियमितताओं के संबंध में 15 पन्नों की चार्जशीट दी गई थी। यह सिर्फ मुझे परेशान करने के लिए था। मुझे चार-पांच साल बाद दोषमुक्त कर दिया गया और सरकार ने अपनी चार्जशीट वापस ले ली। लेकिन मैं उन 5 सालों में बहुत परेशान था। मुझे पता था कि ऐसा होगा।












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