छत्तीसगढ़ में मतदाताओं को तोड़ नहीं पाये धमाके, अब तक 40 फीसदी मतदान

मतदान के दौरान कम तीव्रता वाले आईईडी धमाके हुए, लेकिन मतदाताओं का मनोबल तोड़ नहीं सके। एक धमाका सुबह बस्तर के पखनजुर इलाके में में हुआ। इससे पहले कल शाम को दंतेवाड़ा में हुआ। दोनों जगह मतदान केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा है। धमाकों में घायल दो पुलिसकर्मी अस्पताल में भर्ती हैं और खतरे से बाहर हैं।
खास बात यह है कि माओवादी किसी भी मतदाता को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहते हैं। उनका मुख्य टार्गेट सुरक्षा बल हैं। धमाके के बाद मुठभेड़ भी हुई, लेकिन सीआरपीएफ के जवानों ने माओवादियों को खदेड़ दिया।
छत्तीसगढ़ के कई मतदान केंद्रों व उनके आसपास हेलीकॉप्टर से नजर रखी जा रही है। एक पोलिंग बूथ से 10 किलो पाइप बम बरामद हुए। लेकिन बम निरोधक दस्तों ने उन्हें डिफ्यूज कर दिया। चुनाव आयुक्त सुनील कुजूर ने बम के मिलने की खबर की पुष्टि की साथ ही कहा कि स्थिति नियंत्रण में है और मतदान शांतिपूर्ण चल रहा है।
कांग्रेस प्रत्याशी पर हमला
उधर रविवार की रात कांग्रेस की प्रत्याशी सामू कश्यम जगदलपुर में अपने दो समर्थकों के साथ घर-घर जाकर प्रचार कर रहे थे, तभी उन पर हमला कर दिया गया। कश्यप को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कांग्रेसियों का आरोप है कि कश्यप पर भाजपा ने हमला करवाया है, लेकिन पुलिस ने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।
राइट टू रिजेक्ट का बटन भी
बस्तर के 12 सीटों और राजनांदगांव जिले की छह सीटों के लिए कराए जा रहे मतदान को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, जहां 29 लाख से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। 'राइट टू रिजेक्ट' के नाम से लोकप्रिय नन ऑफ द एबव (एनओटीए) के विकल्प को भी वोटिंग मशीन में रखा गया है, जिसकी शुरुआत भारत में छत्तीसगढ़ के प्रथम चरण के मतदान से हुई है।
जिन केंद्रों पर सुबह सात बजे मतदान शुरू हुआ, वहां दोपहर तीन बजे मतदान संपन्न हो जाएगा, ताकि अधिकारी सूर्यास्त तक नक्सल प्रभावित इलाकों से सुरक्षित लौट सकें। इधर, जगदलपुर, कांकेर और राजनांदगांव में मतदान तेज गति से हो रहा है और यहां मतदान शुरू होने से पहले ही मतदाताओं की लंबी कतारें लग गई थीं।












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