तीन एयरलाइन्स की 50 फ्लाइट्स को बम से उड़ाने की धमकी, 14 दिनों में 350 विमानों को मिली धमकियां
पिछले कुछ हफ्तों में भारत के विमानन क्षेत्र में बम धमकियों की एक श्रृंखला ने व्यापक हलचल मचाई है। जिसने कई घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों को निशाना बनाया है। इन धमकियों की लगातार बढ़ती संख्या ने चिंता बढ़ा दी है। हालांकि गहन जांच से यह साबित हुआ कि ये सभी निराधार थी। केवल 14 दिनों के भीतर, इंडिगो, विस्तारा और अकासा एयर जैसी एयरलाइनों की 350 से अधिक उड़ानें इन झूठी धमकियों की चपेट में आई। तीन इंडियन एयरलाइन्स के 50 विमानों को रविवार को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। जिसमें इंडिगो की 18, विस्तारा की 17 और अकासा एयर की 15 उड़ानों को बम की धमकी मिली। जिससे एयरलाइनों के संचालन पर गंभीर प्रभाव पड़ा।
600 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान
इन अफवाहों से उत्पन्न अराजकता के कारण विमानन मंत्रालय ने 600 करोड़ रुपए से अधिक के वित्तीय नुकसान की सूचना दी है। इस स्थिति ने केंद्र सरकार को सख्त कदम उठाने के लिए प्रेरित किया है। आईटी मंत्रालय ने 26 अक्टूबर को सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को एक निर्देश जारी किया। जिसमें यह स्पष्ट किया गया कि अगर वे झूठी बम धमकियों की जानकारी को तुरंत नहीं हटाते और अधिकारियों को सूचित नहीं करते तो उनकी आईटी अधिनियम के तहत प्रतिरक्षा रद्द कर दी जाएगी।

सरकार द्वारा झूठी धमकियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने इस प्रवृत्ति को रोकने के लिए संभावित कानूनी सुधारों की घोषणा की है। प्रस्तावित संशोधनों में झूठी बम धमकी देने वालों के लिए कड़े दंड और जुर्माने का प्रावधान है। साथ ही दोषियों को नो-फ्लाई सूची में डालने का भी प्रावधान है। मंत्री ने कहा कि हम कानूनों में बदलाव करेंगे। जो लोग इस तरह की गतिविधियों में लिप्त होंगे। उन्हें कड़ी सजा दी जाएगी और जुर्माना लगाया जाएगा। ऐसे लोगों को नो-फ्लाई सूची में भी डाला जाएगा। हम जल्द ही इन उपायों की घोषणा करेंगे।
झूठी धमकियों के बीच गिरफ्तारियां
सरकार की इस कार्रवाई के तहत अब तक कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। दिल्ली पुलिस ने 26 अक्टूबर को 25 वर्षीय शुभम उपाध्याय को आईजीआई हवाई अड्डे पर बम की झूठी धमकी देने के आरोप में हिरासत में लिया। शुभम का उद्देश्य कथित तौर पर बदनामी हासिल करना था। इसी तरह मुंबई पुलिस ने छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव के 17 वर्षीय एक लड़के को व्यक्तिगत विवाद के बाद झूठी धमकी देने के आरोप में पकड़ा। जिसने अपने दोस्त के नाम से बने अकाउंट का इस्तेमाल किया था।
इन फर्जी धमकियों के बीच एक असली खतरा तब सामने आया। जब खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने एयर इंडिया के विमान को उड़ाने की चेतावनी जारी की। यह धमकी 1984 के सिख दंगों की 40वीं वर्षगांठ पर दी गई। जो झूठी धमकियों के बीच भी वास्तविक खतरों की संभावना का गंभीर संकेत देती है।
झूठे अलार्म और वास्तविक खतरों के बीच संतुलन की चुनौती
यह स्थिति भारतीय विमानन के सामने एक दोहरी चुनौती को उजागर करती है। एक ओर झूठी बम धमकियों के कारण होने वाले व्यवधान को नियंत्रित करना और दूसरी ओर वास्तविक खतरों के प्रति सतर्क रहना। सरकार द्वारा प्रस्तावित कानूनी बदलाव और हाल ही में की गई गिरफ्तारियां धोखेबाजों को रोकने और देश में हवाई यात्रा की सुरक्षा सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। यह मुद्दा विमानन उद्योग की अखंडता और यात्रियों की सुरक्षा को बनाए रखने के लिए कड़े उपायों की आवश्यकता को भी रेखांकित करता है।












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