डीडीए हुआ फेल, धक्के खाते रहेंगे दिल्ली वाले
नई दिल्ली। दिल्ली में एक अदद आशियाना पाने के लिए लोग किस हद तक धकके खा रहे हैं, इसे देखना है तो डीडीए यानी दिल्ली विकास प्राधिकरण के आईएनए स्थित दफ्तर का चक्कर लाग लें। धूप में लंबी लाइन लगी हुई है। रोज कुछ को फार्म मिल रहे हैं,ज्यादातर निराश लोग लौट रहे हैं। डीडीए के दफ्तर विकास सदन में अफरा-तफरी का माहौल रहा। फार्म की बिक्री के लिए दो काउंटर शुरू किए गए।

हंगामा कट रहा है
योजना को लेकर लोगों में इस कदर क्रेज देखा गया कि फार्म बिक्री के पहले दिन देशभर से करीब साढ़े पाच लाख लोगों ने डीडीए की वेबसाइट पर हिट किया। इससे डीडीए के लिए सर्विस प्रोवाइडर तीन बैंकों के सर्वर भी फेल हो गए। डीडीए मुख्यालय पर दिन भर हजारों लोग फार्म खरीदने पहुंच रहे हैं। डीडीए मुख्यालय पर दिन भर हंगामा हो रहा है। लोग पहले फार्म लेने के चक्कर मे झगड़ रहे हैं।
25,034 फ्लैटों की आवासीय योजना के लिए आवेदन फार्म की कीमत 150 रुपये रखी गई है। सबसे हैरानी की बात तो यह है डीडीए की हाउसिंग स्कीम की जानकारी डीडीए की ही साइट पर नहीं दी जा रही है। जबकि सिस्टम डिपार्टमेंट को कई महीने पहले से पता था कि उन्हें अपने सर्वर की क्षमता बढ़ानी होगी। इसके बावजूद उन्होंने इसमें लापरवाही बरती। नतीजा सबके सामने है। हालांकि, इस मामले में डीडीए के अफसरों का अधिकारियों का कहना है कि एक-दो दिन में साइट पर फिर से यह सुविधा शुरू कर दी जाएगी।
जाली फॉर्म
इस बीच, डीडीए की हाउसिंग स्कीम-2014 के लिए जाली फॉर्म भी बेचे जा रहे हैं। इसका खुलासा कल हुआ,जब कुछ लोगों को जाली पार्म बेचे जाने का पता लगा। जानकारों ने बताया कि ठगी का खुलासा शायद इतनी जल्दी न हो पाता, अगर ठगी का शिकार लोग डीडीए के अधिकारियों से न मिलते । अधिकारियों ने उसका फॉर्म देख लिया। पता लगा है कि उसे वह फॉर्म 150 रुपये की जगह 300 रुपये में बेच दिया गया है, जिसके भरने से स्कीम में आवेदन नहीं किया जा सकता। अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर डीडीए मुख्यालय में ही कौन ऐसी ठगी कर रहा है।












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