केजरीवाल ने मानी गलती, कहा इस्तीफा देेने से पहले जनता से पूछना चाहिए था

केजरीवाल मंगलवार रात रेल यात्रा कर बुधवार को दिल्ली से वाराणसी पहुंचे और मतदाताओं के साथ दो घंटों की मुलाकात में सवालों के जवाब दिए। रिक्शा चालक घरहु राम ने बताया, "आप के बारे में जो भी संशय या दुविधा थी, वह सब केजरीवाल ने दूर कर दिया। वह एक आम आदमी की तरह बातें करते हैं, किसी मौसमी राजनतिक नेता की तरह नहीं जो पांच साल में एक बार वादा करने के लिए आते हैं और फिर अगले चुनाव तक चेहरा नहीं दिखाते।"
केजरीवाल ने एक स्कूल के मैदान में आयोजित बैठक में कहा, "मैं वाराणसी में 12 मई को होने वाले मतदान से पहले चुनाव प्रचार के दौरान हर गली नुक्कड़ में सैकड़ों जन संवाद आयोजित करूंगा। जनता मुझसे सवाल पूछना चाहती है और अपनी समस्याएं बताना चाहती हैं।" आप कार्यकर्ताओं ने जनसभा में आए लोगों को कागज बांटे, जिनमें वे केजरीवाल से पूछे जाने वाले सवाल लिख सकें।
केजरीवाल ने पहले लोगों को संबोधित करते हुए वाराणसी में नरेंद्र मोदी और अमेठी में राहुल गांधी को हराने का आग्रह किया, ताकि भ्रष्टाचार को मिटाने के लिए क्रांति लाई जा सके। उसके बाद उन्होंने लोगों के सवालों के जवाब दिए। रेलवे स्टेशन पर चिपकाए गए पोस्टरों का हवाला देते हुए केजरीवाल ने कहा, "यदि मैं भगोड़ा होता, तो यहां पर मोदी को चुनौती देने के लिए क्यूं खड़ा होता।"
केजरीवाल ने यह स्वीकार किया कि मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के पूर्व उन्हें दिल्ली में जनमत संग्रह कराना चाहिए था, जैसा कि उन्होंने कांग्रेस के समर्थन से दिल्ली में सरकार बनाने के लिए किया था। (आईएएनएस)












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