ये है भारत का पहला चलता-फिरता कोरोना टेस्टिंग सेंटर, एक बस में मौजूद हैं ये सभी सुविधाएं

नई दिल्ली। भारत में कोरोना वायरस के मामले आश्चर्यजनक रूप से बढ़ रहे हैं। कोविड-19 टेस्ट को लेकर शुरू से ही विपक्ष ने भारत सरकार को घेरा है लेकिन समय के साथ हालत सुधरे हैं और कोरोना की टेस्टिंग को भी बढ़ाया गया है। देशभर के कई सरकारी और निजी अस्पतालों में आज कोरोना वायरस का टेस्ट किया जा रहा है। इतना ही नहीं अब कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बस में चलता फिरता कोविड-19 लैब तैयार किया गया है। यह बस अलग-अलग स्थानों पर जाकर लोगों का टेस्ट करने में सक्षम है।

महाराष्ट्र में किया गया तैयार

महाराष्ट्र में किया गया तैयार

भारत में कोरोना वायरस का सबसे बड़ा हॉटस्पॉट महाराष्ट्र है, यहां संक्रमितों की संख्या 60 हजार के करीब पहुंच गई है। बढ़ते मरीजों को देखते हुए मुंबई में एक बस को चलते फिरते कोरोना टेस्टिंग सेंटर में बदल दिया गया है। यह भारत की पहली ऐसी बस है जिसमें कोरोना वायरस का टेस्ट संभव होगा। इसे पुणे की एक फर्म कृष्णा डायग्नोस्टिक ने तैयार किया है। बस की खासियत यह है कि इससे महाराष्ट्र में अधिक से अधिक टेस्टिंग संभव होगी।

इन सुविधाओं से लैस है बस

इन सुविधाओं से लैस है बस

इसके अलावा बस में टेस्टिंग सेंटर तैयार करने के लिए आईआईटी अल्युमनाई कौंसिल ने भी अपना सहयोग दिया है। इस बस में कोरोना वायरस से संबंधित सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। बस में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित टेलीरेडियोलोजी और डिजिटल X-Ray की सुविधा के साथ-साथ ओन बोर्ड जेनेटिक टेस्टिंग की भी सुविधा उपलब्ध है। इसके अलावा तैयार किए गए इस बस में ब्लड टेस्ट और ऑक्सीजन सैचुरेशन टेस्ट्स की सुविधी भी मिलेगी।

80 फीसदी तक कम खर्च होगा

बस में कोरोना टेस्टिंग सेंटर तैयार करने वालों का कहना है कि यह कोरोना वायरस टेस्टिंग के खर्च को करीब 80 फीसदी तक कम कर देगा। निर्माताओं के मुताबिक बस से दिनभर में 10 से 15 टेस्ट सेम्पल एकत्रित किए जा रहे हैं, ऐसा इसलिए क्योंकि हर सेम्पल कलेक्शन के बाद पूरी बस को डिसइंफेक्ट किया जाता है। बता दें कि देश में मानसून शुरू होने वाला है और ऐसे में यह आईडिया बड़े काम का साबित हो सकता है।

कोरोना वॉरियर्स के लिए हो रहा इस्तेमाल

कोरोना वॉरियर्स के लिए हो रहा इस्तेमाल

इस बस की खासियत है कि यह राज्य व शहर के कई स्थानों में जाकर आसानी से सेम्पल को एकत्र कर सकती है। वर्तमान में इस बस का उपयोग कोरोना वॉरियर्स के जैसे पुलिस, सेनिटाईजेशन कर्मचारी और अन्य लोगों की जांच करने में किया जा रहा है। ऐसे और सेंटर की संख्या बढ़ने के बाद इसका उपयोग आम लोगों के लिए भी शुरू कर दिया जाएगा। मालूम हो कि वर्तमान में देशभर में कोरोना वायरस के 1,58,333 मामलों की पुष्टि हो चुकी है।

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