इसरो चीफ ने बताई बार-बार मंदिर जाने की वजह, चंद्रयान-3 पर भी दिया बड़ा अपडेट
चंद्रयान-3 की सफलता पर पूरा देश जश्न मना रहा, इस बीच रविवार को इसरो चीफ एस. सोमनाथ केरल के तिरुवनंतपुरम पहुंचे। वहां पर उन्होंने पूर्णमिकवु, भद्रकाली मंदिर के दर्शन किए। इसके बाद प्रज्ञान रोवर और चंद्रयान-3 मिशन से जुड़ा अपडेट साझा किया।
मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि मैं एक एक्सप्लोरर हूं। मैं चांद को एक्सप्लोर कर रहा। मैं आंतरिक अंतरिक्ष (इनर स्पेस) का पता लगाता हूं। मंदिर आना विज्ञान और आध्यात्मिकता दोनों का पता लगाने के लिए मेरे जीवन की यात्रा का एक हिस्सा है। मैं कई मंदिरों में जाता हूं और मैंने कई धर्मग्रंथ पढ़े हैं।

उन्होंने कहा कि बाहरी अंतरिक्ष का पता लगाने के लिए मैं रिसर्च करता हूं, जबकि अपने आंतरिक मन को जानने के लिए मंदिर आता हूं।
मिशन पर उन्होंने कहा कि सबकुछ बहुत अच्छे से काम कर रहा है। चंद्रयान-3 का लैंडर, रोवर पूरी तरह से स्वस्थ है। बोर्ड पर लगे सभी पांच उपकरण चालू कर दिए गए हैं और वो बहुत शानदार डेटा भेज रहे। उन्होंने उम्मीद जताई कि 3 सितंबर से पहले वो अपने विभिन्न चरणों को पूरा कर लेंगे। इसके बाद अगले चरण में वहां से ली गई चीजों पर परीक्षण करना है।
वहीं पीएम मोदी ने शनिवार को चंद्रयान-2 और चंद्रयान-3 की लैंडिंग साइट का नामकरण किया। जिस पर इसरो चीफ ने कहा कि चंद्रयान-3 के टचडाउन पॉइंट का नाम 'शिव शक्ति' रखा गया है। पीएम मोदी ने उसका बहुत अच्छा मतलब समझाया था। मुझे नहीं लगता उसमें कुछ गलत है। वहीं 'तिरंगा' नाम की अपनी अलग पहचान है। हम जो कर रहे हैं, उसका एक महत्व होना चाहिए। देश के प्रधानमंत्री होने के नाते ये नाम रखने का उनका विशेषाधिकार है।
लॉन्चिंग से पहले लिया था बालाजी का आशीर्वाद
आपको बता दें कि चंद्रयान-3 की लॉन्चिंग से पहले इसरो चीफ और उनकी पूरी टीम तिरुपति गई थी। वहां पर उन्होंने भगवान का आशीर्वाद लिया। साथ ही चंद्रयान-3 का एक छोटा मॉडल भी चढ़ाया था।












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