BJP के विजय रथ को रोक पाएगा थर्ड फ्रंट? BJD-DMK को भी साथ लाने की कोशिश, कांग्रेस की बढ़ी टेंशन
अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद ममता बनर्जी अब नवीन पटनायक से मुलाकात करेंगे। इससे एक मजबूत गठबंधन बनाने की कोशिश की जा रही है। कांग्रेस को विपक्ष के बॉस की भूमिका से हटाना चाह रहे हैं।

Lok Sabha Election 2024 Third Front: लोकसभा चुनाव 2024 के लिए राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। होने वाले चुनाव के लिए पक्ष तो स्पष्ट है, लेकिन विपक्ष अब स्पष्ट नहीं दिख रहा है। कई क्षेत्रीय दलों ने कांग्रेस को विपक्ष के बिग बॉस के रूप में नहीं देख रहे हैं। कांग्रेस को साफ संकेत भी दे दिया है कि वह विपक्ष का बॉस नहीं है। इसके लिए तीसरे मोर्च के गठन की तैयारी तेज हो गई है। तीसरे मोर्चे में 8 क्षेत्रीय दल एक साथ आ रहे हैं। वहीं इसमें कुछ दल और भी जुट सकते हैं।
नवीन पटनायक से मिलेंगी ममता बनर्जी
अखिलेश यादव ने हाल ही में बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात की है। इसके बाद दोनों नेताओं ने कांग्रेस से अलग होने का फैसला किया। कांग्रेस से अलग थर्ड फ्रंट बनाने का प्रयास किया जा रहा है। बीजेपी को टक्कर देने के लिए थर्ड फ्रंट बनाया जा रहा है। अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद ममता बनर्जी अब ओडिशा के मुख्यमंत्री और बीजू जनता दल के प्रमुख नवीन पटनायक से मुलाकात करेंगी। वहीं, इस फ्रंट में डीएमके को भी साथ लाने की कवायद की जा रही है।
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मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी के बाद एक साथ आए सभी दल
मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी के बाद कई दलों ने एक साथ पीएम को चिट्टी को लिखकर केंद्रीय जांच एजेंसी का दुरुपयोग करने की बात कही थी। इसमें कुल 8 दल एक साथ आए थे। इसी आठों दलों को एक साथ लाने के लिए अखिलेश यादव ने ममता बनर्जी से मुलाकात की। इसके अगले चरण में ममता बनर्जी अब नवीन पटनायक से मुलाकात करेंगे।
ये आठ दल आ रहे एक साथ
इस बैठक में कुल आठ विपक्षी पार्टियां आम आदमी पार्टी, टीएमसी, बीआरएस, आरजेडी, सपा, एनसीपी, नेशनल कॉन्फ्रेंस और उद्धव बाला साहेब ठाकरे गुट की शिवसेना हैं। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव, बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, सपा के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, एनसीपी के शरद पवार, नेशनल कॉन्फ्रेंस के फारूक अब्दुल्ला और उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट के उद्धव ठाकरे एक साथ तीसरे मोर्चे बनाने के प्रयास में जुट गए हैं।
टेंशन में कांग्रेस
हालांकि, तीसरे मोर्चे बनने के बाद भी यह काफी पेचीदा होगा कि प्रधानमंत्री पद का चेहरा कौन होगा। फिलहाल इन दलों को अभी एक साथ लाने की चुनौती है। तीसरे मोर्चे बनने से कांग्रेस के लिए काफी चुनौतीपूर्ण हो जाएगा। विपक्ष का वोट कट के थर्ड फ्रंट तरफ चला जाएगा।
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