Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

जम्मू कश्मीर बिल पर अमित शाह बोले- उन्होंने 1950 में जो गलती की, पीएम मोदी ने उसे ठीक किया

संसद के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में जम्मू-कश्मीर आरक्षण संशोधन विधेयक पेश किया। जिसका उद्देश्य विशिष्ट समुदायों के लिए सीटें आरक्षित करना है।

गृह मंत्री अमित शाह ने सदन से दोनों विधेयकों पर चर्चा करने का प्रस्ताव रखा और इसके बाद चर्चा शुरू हो गई। जम्मू-कश्मीर आरक्षण (संशोधन) विधेयक - 2023 और जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक- 2023 पर चर्चा के लिए चार घंटे का समय निर्धारित किया गया है।

amit-shah-during-discussion-on-j-k-bills-in-lok-sabha

विधेयक पर सदन में चर्चा के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने टीएमसी सांसद सौगत राय की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, एक देश में दो प्रधानमंत्री, दो संविधान और दो झंडे कैसे हो सकते हैं? जिन्होंने ऐसा किया, उन्होंने गलत किया। पीएम मोदी ने इसे ठीक किया।

अमित शाह ने आगे कहा कि, आपकी सहमति-असहमति से क्‍या होता है... पूरा देश चाहता था। यह चुनावी नारा नहीं है, हम 1950 से कह रहे थे... एक देश में एक निशान, एक विधान और एक प्रधान होना चाहिए, दो नहीं चलेंगे और हमने कर भी दिया।'

बता दें कि, जम्मू और कश्मीर आरक्षण (संशोधन) विधेयक - 2023 मॉनसून सत्र के दौरान लोकसभा में पेश किया गया था। यह बिल जम्मू और कश्मीर आरक्षण अधिनियम - 2004 में संशोधन करता है और अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्ग के सदस्यों को नौकरियों और व्यावसायिक संस्थानों में आरक्षण प्रदान करता है।

जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक- 2023 को भी मॉनसून के दौरान 26 जुलाई, 2023 को लोकसभा में पेश किया गया था। यह विधेयक जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 में संशोधन करने के लिए लाया गया है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+