TDP को लग सकता है एक और झटका? BJP ने बढ़ाई नायडू की टेंशन
नई दिल्ली- आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू का टेंशन और बढ़ सकता है। खबरों के मुताबिक वह परिवार के साथ छुट्टियां मनाने यूरोप गए हैं, लेकिन अपनी पार्टी में उठा राजनीतिक बवंडर उन्हें वहां भी चैन से जीने नहीं दे रहा है। पहले उनके 4 राज्यसभा सांसद पाला बदलकर बीजेपी में शामिल हो गए और अब जानकारी मिल रही है कि बीजेपी टीडीपी के कुछ और नेताओं पर नजरें डाले हुए है।

कुछ और टीडीपी नेताओं से संपर्क में बीजेपी?
6 राज्यसभा सांसदों वाली टीडीपी के 4 सांसदों का बीजेपी में शामिल हो जाना पार्टी पर बहुत बड़ा कहर था, अब अगर कुछ और बड़े नेताओं ने चंद्रबाबू नायडू का साथ छोड़कर बीजेपी का कमल थाम लिया, तो पार्टी की हालत और पतली हो सकती है। क्योंकि, टाइम्स ग्रुप की खबरों के मुताबिक बीजेपी कुछ और टीडीपी नेताओं पर डोरे डाल रही है। खबरों के मुताबिक टीडीपी छोड़कर बीजेपी में आए राज्यसभा सांसद टीजी वेंकटेश सीनियर नेता कोटला सूर्यप्रकाश रेड्डी से लगातार बातचीत कर रहे हैं। यही नहीं वे कुलनूर से दूसरे टीडीपी नेताओं को भी बीजेपी में लाने की कोशिशों में भी जुटे हुए हैं। गौरतलब है कि पूर्व सीएम कोटला विजयभास्कर रेड्डी के बेटे सूर्यप्रकाश रेड्डी चुनाव से पहले ही टीडीपी में शामिल हुए थे। इससे पूर्व वो लंबे समय तक कांग्रेस में थे, लेकिन 2019 के लोकसभा चुनाव में वो और उनकी पत्नी ने टीडीपी के टिकट से भाग्य आजमाया, लेकिन उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा। अनंतपुर के प्रभावशाली टीडीपी नेता और पूर्व एमपी दिवाकर रेड्डी की भी बीजेपी में भी शामिल होने की चर्चा थी, लेकिन उन्होंने इन चर्चाओं को खारिज कर दिया है।

अपनी ताकत बढ़ाना चाह रही है बीजेपी
दरअसल 2019 के लोकसभा (0.96%) और विधानसभा (0.84%) दोनों चुनावों में आंध्र प्रदेश में बीजेपी को 1 फीसदी से भी कम वोट मिले हैं, इसलिए बीजेपी अब तेलगू देशम पार्टी के नेताओं को पार्टी में शामिल कराकर एक तीर से दो शिकार करना चाह रही है। उसकी पहली कोशिश है कि राज्यसभा में उसकी ताकत बढ़े, उसमें उसे सफलता मिल गई है। दो दिन पहले ही टीडीपी के 4 राज्यसभा सांसद- टीजी वेंकटेश, सीएम रमेश, वाईएस चौधरी और जीएम राव भाजपा में शामिल हो गए हैं। इसके चलते राज्यसभा में बीजेपी सांसदों की संख्या 71 से बढ़कर 75 हो गई है। बीजेपी की दूसरी कोशिश ये है कि टीडीपी के दूसरे नेताओं को पार्टी में लाकर वह प्रदेश में फिर से अपनी स्थिति को मजबूत बनाए। इस समय वहां चंद्रबाबू नायडू की राजनीतिक हालत बहुत ही खराब है, इसलिए बीजेपी इसका लाभ उठाना चाह रही है।

सांसदों के भाजपा में विलय को टीडीपी ने दी है चुनौती
टीडीपी ने अपने चार सांसदों का पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल होने के फैसले को औपचारिक रूप से चुनौती दी है। इस संबंध में टीडीपी के पांच सांसदों (तीन लोकसभा के और दो राज्यसभा के) ने शुक्रवार को राजयसभा सभापति एम वेंकैया नायडू से मुलाकात की थी। इस दौरान टीडीपी सांसदों के प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई कर रहे पार्टी सांसद जयदेव गल्ला ने कहा कि, 'गुरुवार को टीडीपी के चार राज्यसभा सदस्यों ने बीजेपी में विलय की बात दो-तिहाई बहुमत के आधार पर की थी। हमने इसे चुनौती दी है।'












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