सैन्य कार्रवाई से नहीं बातचीत से निकाला जाए अफगानिस्तान की स्थिति का हल- एस जयशंकर
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार को राज्यसभा में कहा कि उनकी अमेरिकी विदेश मंत्री एन्टनी ब्लिंकन से अफगानिस्तान की वर्तमान स्थिति पर विस्तृत चर्चा हुई।
नई दिल्ली, 29 जुलाई। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार को राज्यसभा में कहा कि उनकी अमेरिकी विदेश मंत्री एन्टनी ब्लिंकन से अफगानिस्तान की वर्तमान स्थिति पर विस्तृत चर्चा हुई और दोनों इस बात पर सहमत हुए कि अफगानिस्तान की स्थिति का हल सैन्य कार्रवाई से नहीं निकाला जा सकता है। उन्होंने आगे कहा कि हमने इस मसले का हल बातचीत के जरिए निकालने पर जोर दिया है।

राज्यसभा में सदस्यों के सवालों का जवाब देते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार को कहा कि अफगानिस्तान में बातचीत से राजनीतिक समझौता होना चाहिए और बल प्रयोग से युद्धग्रस्त देश का अधिग्रहण नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि भारत अफगानिस्तान में संघर्ष का स्थायी समाधान खोजने के लिए राजनीतिक बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए विश्व समुदाय के साथ काम कर रहा है और भारत कभी नहीं चाहेगा कि अफगानिस्तन के मसले को बल प्रयोग के माध्यम से सुलझाया जाए।
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ब्लिंकन ने अपनी दो दिवसीय भारत यात्रा के दौरान अफगानिस्तान, इंडो-पैसिफिक और COVID-19 सहयोग सहित कई द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की। एस जयशंकर ने कहा कि अफगानिस्तान मुद्दे पर हमारी विस्तृत चर्चा की। अफगानिस्तान मसले पर भारत की स्थिति को साफ करते हुए हमने कहा कि इस मसले को बातचीत से सुलझाया जाना चाहिए। वह तालिबान को बढ़ावा देने के चीन के स्पष्ट प्रयासों पर भाजपा सांसद स्वपन दासगुप्ता के एक सवाल का जवाब दे रहे थे।
बता दें कि तालिबान के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को चीनी विदेस मंत्री वांग यी से मुलाकात थी। बता दें कि अमेरिका का अफगानिस्तान से अपने सैनिकों को वापस बुलाने के फैसले के बाद से तालिबान ने दोबारा से देश में अपनी जड़ें जमानी शुरू कर दी हैं। देश के कई हिस्सों पर फिर से तालिबान का कब्जा हो चुका है। भारत ने कई मौकों पर अफगानिस्तान में बढ़ती हिंसा को लेकर चिंता जाहिर की है।
समाजवाली पार्टी के विधायक रेवती रमन सिंह के एक प्रश्न कि क्या ब्लिंकन के साथ हुई बातचीत में मानवाधिकार और लोकतंत्र का भी जिक्र था, पर जयशंकर ने कहा कि दोनों की ओर से मानवाधिकार, लोकतंत्र, तस्करी और तकनीक जैसे वैश्विक मु्द्दों पर अच्छी खासी बातचीत हुई।












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