CAB: विरोध प्रदर्शन के चलते स्थगित हुई NET की परीक्षा, नई डेट शीट की घोषणा जल्द
नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन बिल के विरोध में भारत के उत्तरपूर्वी राज्यों में आग लगी हुई है, राज्यसभा से बिल पास होते ही प्रदर्शन कारी उग्र हो गए और सरकार को हालत पर काबू पाने के लिए सेना बुलानी पड़ी। असम की स्थिति कुछ ज्यादा खराब है वहां लोगों ने बिल को विरोध में आगजनी की जिसके बाद सरकार को वहां कर्फ्यू लगाना पड़ा। इसी बीच हालात काबू से बाहर होता देख नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने रविवार को होने वाली संयुक्त सीएसआईआर-यूजीसी नेट की परीक्षा को स्थगित कर दिया है।

उत्तरपूर्वी राज्यों की हालत खराब
बता दें कि, नागरिकता संशोधन बिल को लेकर देश के कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन हो रही है। सिर्फ उत्तरपूर्वी ही नहीं भारत के मध्य में भी इसे लेकर विरोध जताया गया है। कांग्रेस शासित प्रदेशों ने पहले ही नागरिकता संशोधन विधेयक को अपने राज्यों में लागू करने से मना कर दिया है। असम सहित उत्तरपूर्वी राज्यों में प्रदर्शन से कई सैलानी वहां फंसे हुए हैं, ट्रेने रद्द हैं और फ्लाइट भी स्थगित कर दी गई हैं जिस वजह से ना ही कई वहां से आ सकता है।

स्थगित हुई सीएसआईआर-यूजीसी नेट परीक्षा
विरोध प्रदर्शन का असर अब छात्रों के भविष्य पर भी पड़ने लगा है, असम में स्कूलों और कॉलेजों को बंद कर दिया गया है। वहीं, ऐन वक्त पर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने रविवार को होने वाली डिब्रूगढ़, गुवाहाटी, जोरहाट, सिलचर, शिवसागर और तेजपुर शहरों में संयुक्त सीएसआईआर-यूजीसी नेट दिसंबर 2019 परीक्षा स्थगित कर दी गई है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने बताया कि छात्रों को परीक्षा की संशोधित तिथि जल्द ही घोषित की जाएगी।

असम के कर्मचारी संघों ने किया हड़ताल का ऐलान
असम समेत पूर्वोत्तर भारत में नागरिकता (संशोधन) विधेयक का विरोध जारी है। इसके खिलाफ अखिल असम छात्र संघ (आसू) ने शुक्रवार को भूख हड़ताल की। असम में स्कूलों और कालेजों को 22 दिसंबर तक के लिए बंद कर दिया गया है। हालात को ध्यान में रखते हुए राज्य में सेना की 26 टुकड़ियां तैनात कर दी गई हैं। राज्य में चल रहे प्रदर्शन को समर्थन देते हुए असम सरकार के कर्मचारियों ने 18 दिसंबर तक हड़ताल का ऐलान किया है।












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