The Kerala Story: गवर्नर बोले- अगर कंटेंट रियल लाइफ तो जांच जरूरी, झारखंड के पूर्व CM 'लव जिहाद' पर आक्रामक
कथित तौर पर केरल की रियल लाइफ स्टोरी को The Kerala Story टाइटल के साथ सिल्वर स्क्रीन पर उतारा गया है। इस पर विवाद भी हो रहे हैं। गवर्नर और पूर्व मुख्यमंत्री जैसे पदाधिकारी भी इस पर बयान दे रहे हैं।

The Kerala Story रुपहले परदे पर रिलीज हो चुकी है। रिव्यू में भी इस फिल्म को असली जीवन की कहानी दिखाने के कारण काफी तारीफें मिल रही हैं। हालांकि, प्रदेश के गवर्नर ने अभी फिल्म नहीं देखी।
फिल्म के प्रदर्शन को बैन की मांग को लेकरकेरल के राज्यपाल आरिफ मुहम्मद खान ने कहा, अगर वास्तविक घटनाओं को दिखाया गया है तो सरकार की ड्यूटी है कि फिल्म के कंटेंट की जांच की जाए।
कोच्चि में 'द केरल स्टोरी' पर एक सवाल के जवाब में गवर्नर ने कहा, "मैंने फिल्म नहीं देखी है, इसलिए कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं हूं।" उन्होंने कहा, अगर यह फिल्म वास्तविक कहानियों पर आधारित है, तो मुझे लगता है कि इस मामले की जांच करना सरकार का कर्तव्य है।
विवाद के बीच झारखंड के पूर्व सीएम और बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुबर दास ने कहा, ''...अगर हम अकेले झारखंड की बात करें, तो आपने हाल के महीनों में देखा होगा कि संथाल परगना में लड़कियों को 'लव जिहाद' से इनकार करने पर जिंदा जला दिया जाता था।"
उन्होंने कहा, न केवल झारखंड बल्कि कई राज्यों में 'लव जिहाद' लड़कियों के टुकड़े कर दिए गए। केरल, कर्नाटक, झारखंड या दिल्ली हो, पीएलएफआई लड़कियों का ब्रेनवॉश करके उन्हें आईएसआई के लिए लाने की कोशिश कर रहा है।
भाजपा नेता और पूर्व मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि नागरिकों को ऐसे तत्वों का समर्थन करने वाले राजनीतिक दलों को भी बेनकाब करना चाहिए। बता दें कि इस मूवी में सुदीप्तो सेन ने लव जिहाद पर विमर्श छेड़ा है।
इस फिल्म को हिम्मत भरा काम कहा जा रहा है, क्योंकि लव जिहाद जैसे मुद्दे को न केवल कुछ लोगों की कल्पना कहा जाता है, खुद सरकार संसद में इससे इनकार कर चुकी है।
Recommended Video
फिल्म के कंटेंट के अनुसार, 15 साल पहले लव जिहाद की चर्चा केरल से ही शुरु हुई। बाद में ऐसी घटनाएं दूसरे प्रदेशों में भी दिखीं, जहां गैर मुस्लिम लड़कियों से इस्लाम कबूल करवाने के बाद निकाह कर लिया जाता था। मीडिया में इसे 'लव जिहाद' कहा जाने लगा।












Click it and Unblock the Notifications