इंटेलीजेंस सिक्योरिटी को गंभीरता से लेती तो नहीं होता 'राजधानी ट्रेन हादसा'
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने इंटेलीजेंस सिक्योरिटी (आईबी) नामक खुपिफया एजेंसी विभाग तो बना दिया है लेकिन उसे गंभीरता से कभी नहीं लेती है। इस विभाग पर सरकार का करोड़ों रुपया खर्च होता है, ढेरों सुविधाएं भी मुहैया कराई जाती हैं लेकिन सब कुछ बेकार ही साबित हो रहा है। इसमें गलती विभाग की नहीं बल्कि सरकार की है।
अभी कुछ दिनों पहले आईबी ने एक अलर्ट जारी किया था जिसमें कहा गया था कि दिल्ली समेत आस-पास के यभी इलाकों में आतंकवादी या फिर नक्सली हमला हो सकता है। आईबी के अधिकारियों ने भी कहा था कि दिल्ली का चांदनी चौक, कनॉट पैलेस एवं अन्य पॉश इलाकों में आतंवादियों का खतरा मंडरा रहा है लेकिन दुर्भाग्य यही है कि इन बातों को केंद्र सरकार ने कभी गंभीरता से नहीं लिया।
मंगलवार को देर रात करीब 2.30 बजे दिल्ली से गुवाहटी की ओर जाने वाली राजधानी एक्सप्रेस के 12 डिब्बे पटरी से उतर गए। इस हादसे में 4 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मौके पर पहुंचे रेलवे अधिकारियों ने कहा कि 20-25 पैंड्रोल क्लिप को निकाल दिया गया था जिसके कारण यह हादसा हुआ है। यही नहीं, घटनास्थल से 3 टाइम बम भी बरामद किए गए हैं। बता दें कि आईबी ने इस तरह की नक्सल हिंसा के लिए सरकार को पहले ही चेताया था।
सरकार को आईबी अलर्ट पर ध्यान देने की जरूरत:
1. आईबी के सुरक्षा अधिकारियों ने कहा है कि अगले कुछ दिनों के भीतर दिल्ली के चांदनी चौक, कनॉट पैलेस समेत अन्य पॉश इलाकों में आतंवादी घटनाएं हो सकती हैं।
2. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां हीरा बा पर भी आतंकवादी समूह हमला कर सकता है।
3. भाजपा मुख्यालय को भी निशाना बनाया जा सकता है।
4. उत्तर प्रदेश के पश्चिमी जिलों में आतंकवादी समूह सक्रिय हो रहा है।
5. आतंकवादियों के निशाने पर प्रमुख रूप से वैष्णो देवी व ताजमहल जैसे स्थल हैं।












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