शांत थरूर को नहीं रोक पायी मोदी की सुनामी
7- शांत पर साफ बोलने वाले शशि थरूर
कांग्रेस के बेहद तेज-तर्रार नेता शशि थरूर के लिए चालू साल मिला-जुला रहा। उनकी पत्नी सुनंदा का इस साल निधन हुआ संदिग्ध हालातों में। और इसी साल वे देश में मोदी की सुनामी के बावजूद तिरुवनंतपुरम लोकसभा सीट से जीत गए।

उन्होंने मोदी की स्वच्छ भारत मिशन की प्रशंसा करके कांग्रेस के नेताओं से हरी-खोटी भी सुनी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'स्वच्छ भारत अभियान' में शामिल होने के लिए जिन नौ लोगों को आमंत्रित किया उनमें एक शशि थरूर भी थे।
इसके बाद थरूर ने ट्वीट किया कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस कैंपेन में शामिल होने का न्यौता पाकर अच्छा महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि "कोई मुझे भाजपा समर्थक कैसे कह सकता है। मैं पिछले 30 वर्षों से भारत के बहुलतावाद में अपनी आस्था पर लिखता और भारत के बारे में विचार जाहिर करता रहा हूं। कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि थरूर देश की राजनीति के लिए आगे भी अहम बने रहेंगे।
8- भगवंत मान
देश लोकसभा चुनाव से पहले हास्य कलाकार भगवंत मान को अपने तीखे और चुटीले व्यंग्यों के कारण जानता था। लेकिन, संगरूर से लोकसभा चुनाव जीतकर भगवंत मान ने एक तरह से बता दिया कि उन्हें गंभीरता से लेने की जरूरत है। लोकसभा में भी वे अपनी पहचान बनाने में सफल रहे हैं। उन्होंने हाल ही में कहा कि यदि सांसदों के भत्ते या सुविधाएँ बढ़ाने की बात होती है तो वे इसका विरोध करेंगे। यह कोई छोटी बात नहीं है। वे लोकसभा की कार्यवाही के दौरान अपनी कोई कविता भी सुनाते रहते हैं। उनका लोकसभा में होना भारतीय लोकतंत्र के लिए स्वस्थ माना जा सकता है। संगरूर से सांसद भगवंत मान शहीद भगत सिंह स्टाइल में पगड़ी पहनकर आते हैं संसद में। वे कहते हैं कि भगत सिंह उनके आदर्श हैं।












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