तेलंगाना के इस गांव ने पेश की मिसाल, ओमिक्रॉन के खतरे को देखते हुए खुद ही लगाया 10 दिन का लॉकडाउन
नई दिल्ली, दिसंबर 23। कोरोना के ओमिक्रॉन वेरिएंट के खतरे को देखते हुए कई राज्य सरकारों ने कड़े प्रतिबंध लागू करना शुरू कर दिया है। दिल्ली और मुंबई में क्रिसमस और नए साल के जश्न को ध्यान में रखते हुए पाबंदिया लगाई जा रही हैं। वहीं केंद्र ने भी राज्य सरकारों को नाइट कर्फ्यू पर विचार करने को कहा है। इन सबके बीच तेलंगाना के एक गांव में स्थानीय लोगों ने खुद ही 10 दिन के लॉकडाउन की घोषणा कर दी है। गांव के लोगों ने ये फैसला तेलंगाना में बढ़ रहे ओमिक्रॉन के मामलों को ध्यान में रखते हुए लिया है। आपको बता दें कि तेलंगाना देश का ऐसा तीसरा राज्य है, जहां कोरोना के मामले सबसे अधिक हैं।

खाड़ी देश से लौटा गांव का युवक मिला था कोरोना पॉजिटिव
जानकारी के मुताबिक, राजन्ना सिरसिल्ला जिले के गुडेम गांव में स्थानीय लोगों ने खुद से ही 10 दिन के लॉकडाउन की घोषणा कर दी है। गांव के सरपंच श्रीनिवास राव का कहना है कि ओमिक्रॉन वेरिएंट से ना सिर्फ देश में बल्कि पूरी दुनिया में डर का माहौल है। उन्होंने कहा कि ओमिक्रॉन का हमारे गांव तक पहुंच जाना चिंता का विषय है। हमारे गांव का चंदू नामक व्यक्ति खाड़ी देश से लौटा था, उसमें ओमिक्रॉन वेरिएंट के लक्षण मिले हैं। चंदू और उसके परिवार को आइसोलेट कर दिया गया है और उनके संपर्क में आए सभी लोगों पर भी नजर रखी जा रही है।
लॉकडाउन में बंद रखा गया सबकुछ
गांव के सरपंच श्रीनिवास ने कहा कि हमने गांव के और लोगों के बारे में सोचते हुए 10 दिन के लॉकडाउन की घोषणा की है। ये लॉकडाउन गुरुवार से ही शुरू हो गया है। गांव के सरपंच ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान सभी दुकानें, होटल और अन्य कमर्शियल कॉम्पलेक्स बंद रहेंगे। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों के लिए सब्जियों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति का इंतजाम कर दिया गया है।
गांव के 60 से अधिक लोगों के सैंपल लिए गए
जानकारी के मुताबिक, गांव का जो शख्स पॉजिटिव आया है, उसे हैदराबाद के केआईएमएस अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गय है। वहीं चिकित्सा अधिकारियों ने गांव से 64 सैंपल लिए हैं। येल्लारेड्डीपेट मंडल के नारायणपुर से 53 अन्य नमूने भी एकत्र किए गए जहां युवक एक शादी में शामिल हुआ था।












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