Delhi: कांग्रेस का BRS को बड़ा झटका, पूर्व MP पोंगुलेटी रेड्डी और पूर्व मंत्री जुपल्ली कृष्णा राव ने थामा हाथ
Telangana Congress: तेलंगाना में विधानसभा चुनाव से पहले नेताओं का दल बदलने का दौर शुरू हो गया है। इस कड़ी में सोमवार को कांग्रेस ने तेलंगाना के सीएम केसीआर की पार्टी बीआरएस को बड़ा झटका दिया है। पूर्व सांसद पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी और तेलंगाना के पूर्व मंत्री जुपल्ली कृष्ण राव ने सोमवार को कांग्रेस पार्टी ज्वाइन कर ली।
दिल्ली में AICC मुख्यालय में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी की उपस्थिति में पूर्व सांसद पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी, तेलंगाना के पूर्व मंत्री जुपल्ली कृष्ण राव सहित कई बीआरएस नेता ने कांग्रेस का दामन थाम लिया।

इस मौके पर कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, पार्टी के तेलंगाना प्रभारी माणिकराव ठाकरे और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रेवंत रेड्डी भी मौजूद रहे। वहीं कांग्रेस के ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट पर लिखा-"कांग्रेस पार्टी की संभावनाओं को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देते हुए अधिक से अधिक लोग प्रेम और समृद्धि के संदेश को आगे बढ़ाने के लिए हमारे साथ जुड़ रहे हैं।"
दिल्ली में पार्टी में शामिल होने वाले नेताओं की एक लिस्ट भी कांग्रेस ने जारी की।
- जुपल्ली कृष्ण राव, पूर्व आंध्र प्रदेश और तेलंगाना मंत्री और 5 बार विधायक
- पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी, पूर्व सांसद
- गुरुनाथ रेड्डी, पूर्व विधायक (6 बार विधायक)
- कोराम कनकैया, पूर्व विधायक एवं सेवारत जिला परिषद अध्यक्ष।
- पायम वेंकटेश्वरलू, पूर्व विधायक
- मुवामेंट विजया बेबी, डीसीसीबी पूर्व अध्यक्ष
- पीदमार्थी रवि, पूर्व अध्यक्ष, एससी कॉर्पोरेशन
- थुल्लुरी ब्रम्हैया, वर्तमान डीसीसीबी अध्यक्ष
- बोर्रा राजशेखर, वर्तमान मार्कफेड राज्य उपाध्यक्ष
- एस. जयपाल, वर्तमान नगरपालिका अध्यक्ष, वार्या
वहीं मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने एआईसीसी ऑफिस में तेलंगाना के कांग्रेस नेताओं से भी मुलाकात की।
जानिए हैं कौन हैं कांग्रेस के दोनों नए सदस्य?
आपको बता दें कि पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी तेलंगाना की खम्मम लोकसभा सीट से पूर्व सांसद हैं। वाईएसआर कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा चुनाव जीत चुके हैं। हालांकि बाद में केसीआर की पार्टी टीआरएस जो अब बीआरएस है, उसमें शामिल हो गए थे।
वहीं जुपल्ली कृष्ण राव तेलंगाना की केसीआर सरकार में ग्रामीण विकास मंत्री का पदभार संभाल चुके हैं। हाल ही में इन दोनों नेताओं को कुछ महीने पहले पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में बीआरएस से निलंबित कर दिया गया था।












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