तेलंगाना चुनाव: केटीआर बोले- कांग्रेस के लिए एक वोट तेलंगाना के लिए विनाश होगा, कर्नाटक की असलियत सामने है
तेलंगाना के उद्योग मंत्री और बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव ने कहा तेलंगाना के लोग कर्नाटक की जनता और किसान समुदाय को होने वाली कठिनाइयों के बारे में जानते हैं। इसके साथ उन्होंने दावा किया कांग्रेस के लिए एक वोट तेलंगाना के लिए विनाश होगा।

केटीआर ने कहा पड़ोसी राज्य कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार की यात्रा और कल्याण कार्यक्रम कैसे हैं इसकी हमें जांच करने की जरूरत ही नहीं हैं क्योंकि कर्नाटक के किसान कई बैचों में तेलंगाना का दौरा करके यहां के कृषक समुदाय को अगाह कर चुके हैं। उन्होंने कर्नाटक के किसानों को हो रही अर्पाप्त बिजली की सप्लाई के बारे में कांग्रेस सरकार की विफलता के बारे में बता चुके हैं।
केटीआर ने कांग्रेस की अलोचना करते हुए कहा तेलंगाना में वोट मांगने वाले नेताओं और कांग्रेस पर कैसे विश्वास किया जा सकता जबकि कर्नाटक में लोगों को बिजली और पानी की कमी के कारण कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
केटीआर ने एक एक्स सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर लिखा "तेलंगाना किसानों को 24 घंटे मुफ्त बिजली आपूर्ति प्रदान कर रहा है और यह निराशाजनक है कि कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिव कुमार ने स्वीकार किया कि कर्नाटक में किसानों को पांच घंटे बिजली की आपूर्ति की जा रही है।"उन्होने कहा बिजली सबस्टेशन कार्यालयों में किसानों द्वारा मगरमच्छ ले जाने और आत्महत्या का प्रयास, किसानों का धरना प्रदर्शन कर्नाटक की कांग्रेस सरकार की अक्षमता का दर्शाता है।
कर्नाटक मंत्री ने दावा किया कि कांग्रेस ने जो कर्नाटक में पांच गारंटियों का लोभ देकर सत्ता हासिल की है उसको लागू करने में सरकार विफलरही है। कर्नाटक में गृह ज्योति और गृह ज्योति और अन्न भाग्य योजनाएं शुरू नहीं हुईं।
इसके साथ ही उन्होंने बताया कि पीडीएस दुकानों के माध्यम से गरीबों को चावल की आपूर्ति करने के लिए संघर्ष कर रही है,लोग चावल मिलने के लिए उम्मीद में कष्ट सह रहे हैं।
केटीआर ने बताया तेलंगाना समा में केसीआर सरकार की विश्वसनीयता पर बहुत स्पष्टता है, जो पीडीएस दुकानों के माध्यम से गरीबों को बढ़िया चावल की आपूर्ति करने की सोच रही है और कांग्रेस सरकार कर्नाटक में अपनी पांच गारंटियों की एक गारंटी के तहत गरीबों को चावल नहीं उपलब्ध करवा पा रही हैं।
गृह ज्योति को लागू करने की आड़ में, न केवल कृषक समुदाय के लिए बल्कि बेंगलुरु में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए भी बिजली कटौती की जा रही थी। कर्नाटक की सरकारी बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा योजना शुरू की जिसका नजीता है कि कर्नाटक आरटीसी को अपूरणीय क्षति हो रही थी। उन्होंने कहा कि इसे लोग और आरटीसी कर्मचारी दोनों स्पष्ट रूप से समझते हैं।












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