तेलंगाना चुनाव: कांग्रेस नेता जयराम रमेश का आरोप कांग्रेस के वोट काटने के लिए बीजेपी ओवैसी का इस्तेमाल कर रही
तेलंगाना विधानसभा चुनाव में इस बार कांग्रेस पार्टी एक मजबूत दावेदार के रूप में उभरी है। इतना ही नहीं चुनाव में अपनी छह गारंटियों के बलबूते पार्टी अपनी जीत को लेकर काफी आश्वस्त नजर आ रही है। इसके साथ ही कांग्रेस भाजपा और सत्तारूढ़ बीआरएस को लगातार घेर रही है। वहीं अब कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी को कांग्रेस के वोट काटने के लिए भाजपा द्वारा प्रेरित ताकत बताया है और बताया है कि भाजपा अपनी चुनावी रणनीतियों को आगे बढ़ाने के लिए कैसे काम करती है।

मीडिया को दिए इंटरव्यू में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने कहा कहा कि राज्य में कांग्रेस बढ़ रही है और चुनौतियों से पार पाने में सक्षम होगी।जयराम रमेश ने कहा कांग्रेस ने सभी निर्वाचन क्षेत्र को चुनाव प्रचार के लिए दौरान कवर कर लिया है।
उन्होंने बताया 23 नवंबर को राजस्थान में प्रचार खत्म होन के बा सांसद राहुल गाधी और प्रियंका गांधी ने तेलंगाना में फोकस करते हुए चुनाव प्रचार यहां तेज कर दिया था। जयराम ने कहा एक साल पहले भारत जोड़ो यात्रा का जो राष्ट्रीय स्तर पर कार्यक्रम हुआ, इसके अलावा सीएलपी नेता भट्टी विक्रमार्क और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष रेवंत रेड्डी ने भी पदयात्रा निकाली।
तेलंगाना में चुनाव प्रचार करने के लिए कांग्रेस के सारे वरिश्ठ नेता जुटे हैं और प्रचार में अपनी पूरी ताकत झोके दे रहे हैं? इस प्रश्न का जवाब देते हुए जयराम नरेश ने कि ये विधानसभा चुनाव है इसलिए हम अभियान का समर्थन करने आ रहे हैं।' इन सभी ने छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान और मिजोरम में प्रचार किया। यह स्वाभाविक है।
इसके साथ ही जयराम रमेश ने तो ऐसे में ये भी सवाल उठता है कि मोदी यहां क्यों आ रहे है? उन्होंने कहा कांग्रेस राष्ट्रीय पार्टी है और हमारी पार्टी की जड़े मजबूत है।
उन्होंने कहा हमारा प्राथमिक अभियान हमारे उम्मीदवार और हमारे स्थानीय नेता हैं। राष्ट्रीय नेता आते हैं और राष्ट्रीय स्वाद देते हैं क्योंकि वे अच्छी तरह से पहचाने जाते हैं।
कांग्रेस ने तेलंगाना के लोगों के लिए छह गारंटी का वादा किया है, लेकिन राज्य का बजट लगभग 3 लाख करोड़ रुपये है इसके लिए कहां से पैसा कांग्रेस के पास आएगा? इस सवाल का जवाब देते हुए जयराम नरेश ने कहा आर्थिक उन्नति के योग बनेंगे।
जयराम ने कहा जब आंध्र प्रदेश से अलग होकर तेलंगाना राज्य बना तब बजट का आकार 1.40 लाख करोड़ रुपये था. लेकिन राजस्व वृद्धि बढ़ती जा रही है. जैसे-जैसे यह बढ़ता है, वैसे-वैसे कर संग्रह भी बढ़ता है। उन्होंने कहा जहा चाह होती है तो राह भी होती है। उन्होंने कहा वह पैसा अतिरिक्त कराधान से नहीं, बल्कि राजस्व वृद्धि और बेहतर प्रशासन से आया। इस तरह हमें मनरेगा के लिए 70 हजार करोड़ रुपये से 80,000 करोड़ रुपये मिले।












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