मोदी बता रहे थे टीचर्स की अहमियत, पुलिस कर रही थी अपमानित
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) शुक्रवार को जब शिक्षक दिवसपर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश के बच्चों से संवाद कर रहे थे, तब राजधानी के कनाट प्लेस में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों को पुलिस ने जोर-जबरदस्ती कर उन्हें वहां से हटाया।

नव शिक्षक निर्माण संघ के तत्वावधान में दिल्ली के बेरोजगार शिक्षकों ने शुक्रवार को शिक्षक दिवस का बहिष्कार करते हुए कनाट प्लेस में प्रदर्शन किया।
हाथों पर काली पट्टी बांधे हुए ये शिक्षक दिल्ली अधिनस्थ सेवा चयन बोर्ड द्वारा सितंबर 2013 और फरवरी 2014 में ली गई प्राथमिक शिक्षक लिखित परीक्षा का परिणाम घोषित करने की मांग कर रहे थे।
कुल दिल्ली सरकार और दिल्ली नगर निगम में प्राथमिक शिक्षकों के 7500 खाली पदो के लिए 2009 में भर्तियां निकाली गई थी।
कनाट प्लेस में सैंट्रल पार्क के सामने प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों को दिल्ली पुलिए ने बसों में भरकर जंतर मंतर छोड़ दिया। शिक्षक डीएसएसएसबी के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे।
नव शिक्षक निर्माण संघ के पदाधिकारियों विमल लाकड़ा, सनी कोडान, अशोक गुलिया, रजत यादव, विनीत डागर और अमित भारद्वाज ने बताया कि डीएसएसएसबी पिछले कई वर्षों से प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती को बिना किसी ठोस कारण लटकाये हुए है।
साल 2009 में पोस्ट कोड 70/9 और 71/ 9 की भर्ती के लिए सितंबर 2013 और फरवरी 2014 में लिखित परीक्षा ली गई और अब इसका परिणाम घोषित नहीं किया जा रहा है। यह बेरोजगार शिक्षकों के साथ अन्याय है।
जनपथ पर शिक्षकों ने वाहनों के शीशे साफ करते हुए अपनी बेरोजगारी की ओर लोगों का ध्यान आकर्षित किया। नव शिक्षक निर्माण संघ करीब 15 दिन पहले कडकडडूमा स्थित डीएसएसएसबी के मुख्यालय पर भी प्रदर्शन कर चुका है।
शिक्षकों ने मांग की है कि केन्द्र सरकार और उपराज्यपाल को तुरंत प्रभाव से डीएसएसएसबी को परीक्षा परिणाम निकालने का आदेश देना चाहिए।












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