राष्ट्रपति चुनाव: भाजपा-विपक्ष की टक्कर के बीच एक चायवाला भी मैदान में

देश के राष्ट्रपति पद के लिए चाय विक्रेत ने चौथी बार किया आवेदन, अभी तक 20 चुनाव हार चुका है, लेकिन हिम्मत नहीं हारी है।

भोपाल। सनक नाम की एक चीज होती है, अगर वह आपको सवार हो जाए तो फिर आपको उससे कोई नहीं बचा सकता है, कुछ ऐसी ही सनक भोपाल के एक चायवाले को की सालों से सवार है। ग्वालियर के 49 वर्षीय आनंद सिंह कुशवाहा को पिछले 15 साल से देश का राष्ट्रपति बनने की सनक सवार है और वह हर बार देश के राष्ट्रपति बनने के लिए अपना आवेदन करते हैं। इस बार उन्होंने चौथी पर अपनी दावेदारी पेश की है।

raisina hills

आनंद ने अपने नाम सबसे अधिक चुनाव हारने का भी रिकॉर्ड किया है, वह अब तक कुल 20 चुनाव हार चुके हैं, मध्य प्रदेश के ग्वालियर में रहने वाले आनंद कुशवाहार पेशे से एक चाय विक्रेता हैं और वह 1994 से लेकर आजतक तमाम चुनावों में अपना हाथ आजमा चुके हैं। उन्होंने ना सिर्फ राष्ट्रपति बल्कि, उपराष्ट्रपति का भी चुनाव लड़ा है। कुशवाहा बताते हैं कि मैं यूपी के विधायकों और सांसदों के संपर्क में पहले से ही हूं, मुझे पहले पर्याप्त विधायक नहीं मिल सके, लेकिन इस बार मुझे पूरा भरोसा है कि मुझे वोट मिलेगा। आपको बता दें कि राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए आपको कम से कम 50 वैध वोटरों की आवश्यकता होती है।

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आनंद अपनी कमाई में से हर रोज एक हिस्सा चुनाव लड़ने के लिए बचाते हैं, 2013 में भी उन्होंने विधानसभा चुनाव में हिस्सा लिया था, लेकिन उन्हें सिर्फ 376 वोट मिले थे। आनंद का कहना है कि मैं कम से कम एक बार जरूर सफल होना चाहता हूं, मेरे पास गाड़ी नही है, लिहाजा मैं पैदल ही प्रचार करने के लिए निकलता हूं। जब मैं प्रचार करने के लिए जाता हूं तो मेरी पत्नी चाय की दुकान को संभालती है। आनंद का कहना है कि उनके पास कुल पांच हजार रुपए नगद और दस हजार रुपए की अचल संपत्ति है।

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