TDP संसदीय बोर्ड की बैठक खत्म, भाजपा को मिली राहत
अमरावती। तेलगु देशम पार्टी की संसदी बोर्ड की बैठक संपन्न हो गई है। इस बैठक के बाद केंद्र सरकार में मंत्री और टीडीपी के नेता वाई एस चौधरी ने कहा कि मीटिंग के दौरान बजट और आंध्र प्रदेश को कोई आवंटन ना होने पर चर्चा हुआ। हम इसके लिए सरकार पर दबाव बनाते रहेंगे। अगर जरूरत हुई तो हम इस पर संसद में चर्चा करेंगे। चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री चंद्र बाबू नायडू ने शिवसेना ने कोई बात नहीं की। इतना ही नहीं उन्होंने इससे भी इनकार किया कि भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से नायडू की कोई बात हुई है। बैठक में भारतीय जनता पार्टी से गठबंधन तोड़ने पर कोई चर्चा नहीं हुई ऐसे में माना जा रहाकि भाजपा को राहत मिल गई है।

TDP की संसदीय बोर्ड की बैठक आयोजित की गई
बता दें कि आज आंध्र प्रदेश स्थित अमरावती में TDP की संसदीय बोर्ड की बैठक आयोजित की गई थी। इसमें खुद राज्य के सीएम और TDP के अध्यक्ष चंद्रबाबू नायडू शामिल थे। मिली जानकारी के अनुसार राज्य के भाजपा नेताओं की ओर से सरकार के खिलाफ बयानबाजी और 1 फरवरी को पेश किए गए बजट में आंध्र प्रदेश को 'उचित' स्थान ना दिए जाने के चलते TDP नाराज हैं।

'हम बजट के बारे में चर्चा कर रहे हैं'
पार्टी के नेता के. राममोहन राव से जब टीडीपी-बीजेपी गठबंधन के बारे में पूछा गया था तो उन्होंने कहा कि , 'हम बजट के बारे में चर्चा कर रहे हैं, राजनीतिक गठबंधन अलग है और राज्य का विकास अलग है।' वहीं टीडीपी सांसद पी. रविंद्र बाबू ने कहा कि 'जो भी मुख्यमंत्री तय करते हैं हम उनके साथ रहेंगे, लेकिन हम भाजपा के बजट से खुश नहीं हैं, प्रदेश को आवंटित बजट से खुश नहीं हैं।'

राज्य पुनर्गठन अधिनियम का वादा पूरा हो
TDP-BJP गठबंधन पर बाबू ने कहा कि 'यह देखेंगे, मुख्यमंत्री जो तय करेंगे, हम उसके साथ हैं।' टीडीपी सांसद केसीनीनी श्रीनिवास ने कहा था कि 'मुख्यमंत्री और पार्टी के सांसदों के बीच विस्तृत चर्चा होगी। हम लोगों के राज्य और कल्याण के विकास में अधिक रुचि रखते हैं और जो भी राज्य पुनर्गठन अधिनियम का वादा पूरा किया जाना चाहिए। राज्य के लिए जो कुछ भी अच्छा है, हम इसे करेंगे।'












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