बिक गई Air India, क्या होगा एयर इंडिया के कर्मचारियों का? जानें सभी अहम बातें
नई दिल्ली, अक्टूबर 08: टाटा संस अब एयर इंडिया का नया मालिक होगा। एयर इंडिया को टाटा ग्रुप ने 18,000 करोड़ रुपए में खरीद लिया है। इसका ऐलान फाइनेंस मिनिस्ट्री के डिपार्टमेंट ऑफ इनवेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (दीपम) ने किया। टाटा के हाथ एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस की कमान आएगी। यह सौदा इस साल दिसंबर के अंत तक पूरा हो जाने की उम्मीद है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि एयर इंडिया में काम करने वाले सरकारी कर्मचारियों का क्या होगा? क्या उनकी नौकरी बनी रहेगी या उसमें किस तरह के बदलाव संभव हैं? इसे लेकर सरकार की ओर से अहम जानकारी साझा की गई है।
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1. हैंडओवर प्रक्रिया दिसंबर 2021 तक पूरी हो जाएगी। वित्त मंत्रालय दिसंबर तक लेनदेन को बंद करने पर विचार कर रहा है, जिसका मतलब है कि दिसंबर तक टाटा संस को शेयर मिल जाएंगे।
2-भविष्य में विलय को लेकर टाटा संस पर कोई रोक नहीं होगी।
3. मंत्रालय ने कहा कि, एयर इंडिया के मौजूदा कर्मचारियों को एक साल के लिए बरकरार रखा जाएगा। कोई बर्खास्तगी नहीं होगी। 12485 कर्मचारी हैं, इनमें से 8084 परमानेंट एंप्लॉयी हैं और 4001 कॉन्ट्रैक्ट वाले हैं। इनमें से 3400 परमानेंट एंप्लॉयी वित्त वर्ष 2023-24 में रिटायर भी हो जाएंगे। एयर इंडिया एक्सप्रेस में कुल 1434 कर्मचारी है। 191 परमानेंट एंप्लॉयी हैं। 1156 कॉन्ट्रैक्ट वाले एंप्लॉयी हैं।
4-एक वर्ष के लिए एयर इंडिया को सभी कर्मचारियों को बनाए रखना होगा। दूसरे वर्ष में यदि नया बोलीदाता किसी को बर्खास्त करता है, तो उन्हें वीआरएस का भुगतान करना होगा। सभी भत्ते बरकरार रहेंगे। ग्रेच्युटी भी समय पर दी जाएगी। कर्मचारियों के लिए यह एक साल की सुरक्षा पूर्ण नहीं है। प्रदर्शन, आचरण आदि जैसे मुद्दों के आधार पर भी फैसले लिए जा सकते हैं।
5- एयर इंडिया ब्रांड के आठ लोगो हैं। नया मालिक इन लोगो को कम से कम पांच साल तक स्थानांतरित नहीं कर सकता है। पांच साल बाद, वे लोगो को स्थानांतरित कर सकते हैं लेकिन केवल एक भारतीय इकाई को। सरकार ने निर्दिष्ट किया है कि एयर इंडिया ब्रांड का लोगो कभी भी किसी विदेशी संस्था के पास नहीं जा सकता है।68 साल बाद एयर इंडिया की हुई घर वापसी, रतन टाटा बोले-वेलकम बैक Air India!
6- सरकार ने कहा कि टाटा की 100% हिस्सेदारी है इसलिए वे व्यवसाय से जुड़ा कोई भी निर्णय ले सकते हैं। डील में एयर इंडिया की जमीन और इमारतों सहित किसी भी नॉन एसेट को नहीं बेचा जाएगा। कुल कीमत 14,718 करोड़ रुपए के ये एसेट सरकारी कंपनी AIAHL के हवाले कर दी जाएंगी।कार्गो और ग्राउंड हैंडलिंग कंपनी AISATS की आधी हिस्सेदारी भी मिलेगी।
7- बोली जीतने वाले टाटा ग्रुप को 15,300 करोड़ रुपए का कर्ज भी लेना होगा। एअर इंडिया पर कुल 43 हजार करोड़ रुपए का कर्ज है। इसमें से 20 हजार करोड़ रुपए का कर्ज पिछले दो सालों में बढ़ा है।












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