टाटा समूह बना देश का सबसे खासमखास ब्रांड

जिस रिपोर्ट का देश के विज्ञापन और मार्केटिंग की दुनिया के पेशेवरों को बड़ी बेसब्री से इंतजार रहता है के अनुसार, ब्रांड की पहचान और ताकत के स्तर पर चौथा स्थान भारती एयरटेल को, छठा रिलायंस समूह को और सातवां ओएनजीसी को मिला है। इसके बाद इंडियन आयल, लारसेन एंड टुब्रो, इंफोसिस और महिन्द्रा समूह रहे हैं। ब्रांड फाइनेंस ने टाटा ग्रुप की ब्रांड वैल्यू 21.1 बिलियन आंकी।
उसके अनुसार, टाटा को पहला स्थान इस साल इस आधार पर मिला क्योंकि उसने विदेशी कंपनियों का अधिग्रहण किया। यही नहीं, टाटा समूह की कंपनी टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज (टीसीएस) की पूरी दुनिया में आईटी सेक्टर के पेशेवरों के बीच में साख है।
प्रसून जोशी ने माना विश्वसनीय
एड गुरु प्रसून जोशी ने कहा कि ब्रांड फाइनेंस इंडिया की रिपोर्ट को पूरी तरह से विश्वसनीय माना जाता है। वह इस आधार पर किसी कंपनी की रैंकिंग तय करती है कि अगर किसी कंपनी को किसी खास ब्रांड को लेना हो कारोबार करने के लिए तो उसे उसकी मूल कंपनी को कितनी रायल्टी देनी होगी। हालांकि उन्होंने इस बात पर हैरानी का इजेहार किया कि इस सूची में गोदरेज और हीरो को जगह नहीं मिली।
इस बीच, कुछ जानकारों को जिंदल स्टील और अनिल अंबानी के समूह का उपर्युक्त सूची के पहले दसवें स्थान पर नहीं आना भी हैरान करता रहा। रिपोर्ट में स्टेट बैंक की वैल्यू को घटाकर दिखाया गया है क्योंकि इसका कारोबार ढीला पड़ रहा है।
एड पेशेवर जयंतो बरूआ कहते हैं कि हालांकि इस रिपोर्ट से कोई विवाद नहीं हो सकता है, पर इसमें किसी नई कंपनी या समूह का नाम ना देखकर निराशा हुई। वे मानते हैं कि इस सूची में रीयल एस्टेट फर्म डीएलएफ का नाम हो सकता था। इंफोसिस नेगटिव खबरों के बाद भी इस सूची में जगह पा गयी।












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