पीएम मोदी के मेक इन इंडिया को मिली बड़ी सफलता, भारत में लॉकहीड मार्टिन, टाटा के साथ मिलकर बनाएगी फाइटर जेट एफ-16 के लिए विंग्स
वॉशिंगटन। अमेरिका की सिक्योरिटी और एरोस्पेस से जुड़ी कंपनी लॉकहीड मार्टिन की ओर से मंगलवार को ऐलान किया गया है कि उसके फाइटर जेट एफ-16 के विंग्स भारत में तैयार किए जाएंगे। इन जेट्स को लॉकहीड मार्टिन भारतीय कंपनी टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (टीएएसएल) के साथ मिलकर तैयार करेगी। लॉकहीड मार्टिन के ऑफिशियल्स की ओर से कहा गया है कि भारत में जेट के विंग्स का निर्माण इस बात पर निर्भर नहीं करेगा कि भारत इंडियन एयरफोर्स (आईएएफ) के लिए इन जेट्स का सेलेक्शन करता है या नहीं। वैसे कंपनी के इस ऐलान के बाद मेक इन इंडिया प्रोग्राम को एक बड़ा प्रोत्साहन मिलने वाला है।

कंपनी ने भारत में दिया जेट उत्पादन का प्रस्ताव
लॉकहीड की ओर से एफ-16 का पूरा मैन्यूफैक्चरिंग बेस भारत में ही लाने का प्रस्ताव दिया जा चुका है। हालांकि अभी तक भारत की ओर से इस पर कोई भी फैसला नहीं लिया गया है। कंपनी से जुड़े अधिकारियों की मानें तो एफ-16 के विंग्स का भारत में उत्पादन, लॉकहीड मार्टिन कंपनी की रणनीतिक साझेदारी टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स के साथ और मजबूत करेगा। भारत में लॉकहीड मार्टिन एरोनॉटिक्स के बिजनेस डेवलपमेंट और स्ट्रैटेजी डिपार्टमेंट में वाइस प्रेसीडेंट विवेक लाल कहते हैं कि भारत में एफ-16 के विंग्स की मैन्यूफैक्चरिंग सी-130 जे हरक्यूलिस एयरलिफ्टर और हेलीकॉप्टर एस-92 के लिए टाटा के साथ सफल साझेदारी की तरफ अगला कदम है।

तो भारत में बनेंगे सबसे आधुनिक फाइटर जेट
लॉकहीड मार्टिन की ओर से साथ 2016 में भारत में जेट को तैयार करने का प्रस्ताव दिया गया था। कंपनी इंडियन एयरफोर्स के लिए खासतौर पर इन जेट्स का निर्माण करना चाहती थी। आज भी कंपनी अपने फैसले पर अडिग है और उसका मानना है कि वह आईएएफ के अलावा बाकी ग्राहकों के लिए भी जेट्स को उत्पादन भारत में करना चाहती है। पिछले वर्ष लॉकहीड मार्टिन और टीएएसएल की ओर से ऐलान किया गया था कि अगर आइईएएफ के लिए इन जेट्स को चुना जाता है तो फिर इसे जेट के सबसे एडवांस्ड वर्जन एफ-16 ब्लॉक 70 को भारत में ही तैयार किया जाएगा।

क्या है एफ-16 का ब्लॉक 70 वर्जन
ब्लॉक 70 एफ-16 का सबसे एडवांस्ड वर्जन है जिसमें एक्टिव इलेक्ट्रॉनिक स्कैन्ड एरे यानी एईएसए रडार, एक मॉर्डनाइज्ड कॉकपिट, आधुनिक हथियार, कॉन्फॉर्मल फ्यूल टैंक्स, एक ऑटोमैटिक ग्राउंड कॉलिएजन एवॉयडेंस सिस्टम, एक एडवांस इंजन और 12,000 घंटों तक की फ्लाइंग को सफलता से अंजाम दे पाने वाली सर्विस लाइफ मौजूद है। अब तक 4,604 एफ-16 का उत्पादन किया जा चुका है जिसे दुनियाभर में 28 देश प्रयोग कर रहे हैं। अमेरिकी एयरफोर्स के अलावा दुनिया के 25 देशों की एयरफोर्स इसका प्रयोग कर रही हैं और करीब 3,000 एफ-16 जेट्स इस समय ऑपरेशनल हैं।












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