जाबांज तंजील अहमद- गोलियां बरसते ही बच्चों को बचाने के लिए बोले हेड डाउन
लखनऊ। देश के जाबांज अधिकारी तंजील अहमद की बर्बर हत्या से पूरा देश दुखी है। जिस तरह से उनके शरीर में 25 गोलियां दागी गयी और उनकी पत्नी को भी चार गोलियां मारी गयी वह अपने आप में इस बर्बरता की कहानी को बयां करता है। जिस वक्त तंजील अहमद एक पारिवारिक कार्यक्रम से घर लौट रहे थे उनके साथ उनके दो बच्चे जिमनिस व शाबाद के साथ उनकी पत्नी फरजाना भी कार में मौजूद थीं।
जाबांज NIA अधिकारी तंजील अहमद की नृशंस हत्या की पूरी कहानी

हंसते खेलते निकले थे कार्यक्रम से
तंजील अहमद की बेटी जिमनिश बताती हैं कि जब हम कार्यक्रम से निकले तो पापा काफी खुश थे और हंसी मजाक करते हुए कार में बैठे और मां उनके बगल में बैठी थी, जबकि मैं और भाई कार की पीछे की सीट पर बैठें थे।
कार धीमी करते ही मां पर बरसाने लगे गोली
तंजील अहमद के बच्चों ने आंखो देखी हाल को बयां करते हुए बताया कि जैसे ही हम सहसपुर पहुंचने वाले थे, वहां एक नाली आयी जहां पापा ने कार को धीमा कर दिया, तभी अचानक से मुंह पर कपड़ा बांधो दो लोग कार की बायीं ओर आये और उन्होंने मम्मी पर गोलियां चला दीं।
हम दोनों कार की सीट के नीचे छिपे थे
बच्चें बताते हैं कि जैसे ही गोलियां चली पापा ने कहा हेड डाउन और हमने अपना सिर नीचे कर लिया तभी मैं और मेरा भाई कार की सीट के नीचे छिप गये और बाइक वालों ने गोलियां बरासानी शुरु कर दी और थोड़ी देर बाद बाइक वाले भाग गये।
सहमें बच्चे कार में चीखते रहे
बाइक से हमलावर जब भागे तो हमने उठकर देखा तो पापा का शरीर खून से लथपथ था। तभी पीछे से तंजील अहमद के बड़े भाई रागिब अपनी कार से आ रहे थे, जब उन्होंने कार को रुका देखा तो उन्होंने उतरकर कार को देखा। तंजील अहमद के भाई बताते हैं कि जब मैं कार के पास पहुंचा तो बच्चे चीख रहे थे और दहशत की वजह से कार के बाहर भी नहीं निकले थे।












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