Tamil Nadu: सेंथिल बालाजी की बाईपास सर्जरी रही सफल, SC ने ईडी की याचिका पर सुनवाई टाली
तमिलनाडु के मंत्री सेंथिल बालाजी को कुछ दिनों पहले प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। अब चेन्नई के एक निजी अस्पताल में उनकी बाईपास सर्जरी हुई है। वहीं दूसरी ओर हाईकोर्ट के एक फैसले के खिलाफ ईडी सुप्रीम कोर्ट गई थी, लेकिन खंडपीठ ने उसकी याचिका पर सुनवाई टाल दी।
जानकारी के मुताबिक सेंथिल बालाजी की कावेरी अस्पताल में हार्ट कोरोनरी आर्टरी बाईपास सर्जरी हुई। अस्पताल का कहना है कि उनकी हालत स्थिर है। तमिलनाडु के मंत्री सुब्रमण्यम भी डॉक्टरों के संपर्क में हैं। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि सर्जरी पूरी तरह से सफल रही। अभी वो पोस्ट ऑपरेशन वार्ड में हैं।

वहीं दूसरी ओर मद्रास हाईकोर्ट ने सेंथिल बालाजी को सरकारी से प्राइवेट अस्पताल में शिफ्ट करने का आदेश दिया था। जिस पर ईडी सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई। हालांकि कोर्ट ने उसकी याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया।
ईडी ने कही ये बात
ईडी की ओर से सुप्रीम कोर्ट में पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि उच्च न्यायालय का आदेश एक गलत मिसाल कायम करता है। जब एजेंसी ने उनको गिरफ्तार कर लिया था, तो बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका सुनवाई योग्य नहीं रह गई। ऐसे में हाईकोर्ट का आदेश सही नहीं है।
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इस पर खंडपीठ ने कहा कि मद्रास हाईकोर्ट ने केवल बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका में नोटिस जारी किया है। आपके पास तो कानून में अधिकार है कि आप फिर से हाईकोर्ट जाएं। साथ ही उनसे आग्रह करें कि ये मामला सुनवाई योग्य नहीं है। हाईकोर्ट उस पर विचार करेगा, फिर उचित आदेश देगा।
अस्पताल का मुद्दा भी उठा
सॉलिसिटर जनरल ने सरकारी अस्पताल से प्राइवेट अस्पताल में शिफ्टिंग का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट ने उनके ट्रांसफर की अनुमति दी। ऐसे में ईडी की रिमांड का कोई अर्थ नहीं है। उन्होंने आग्रह किया कि जो 15 दिन की रिमांड है, उसमें अस्पताल में बिताए दिनों को ना गिना जाए। इस पर खंडपीठ ने कहा कि हमें उम्मीद है कि हाईकोर्ट न्यायिक सिद्धांतों का पालन करेगा। अगर ऐसा नहीं होता है, तो हम मामले में जांच करेंगे।












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