Tamil Nadu Election: थलपति जीतेंगे या हारेंगे? क्या DMK से छिन जाएगी तमिलनाडु की सत्ता,आया नया Opinion Poll
Tamil Nadu Election 2026: तमिलनाडु में 23 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनावों में अभिनेता-राजनेता थलपति विजय के चुनावी रण में उतरने से सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। एक्टर से राजनेता बने थलपति के फैंस उत्सुकता से यह जानने को बेचैन हैं कि क्या वह पेरम्बूर और त्रिची ईस्ट, इन दो सीटों से जीत हासिल कर पाएंगे। इसके साथ ही लोग जानना चाह रहे हैं कि सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) गठबंधन सत्ता में वापसी होगी या नहीं? जूनियर विकटन के हालिया सर्वे में हैरान करने वाले परिणाम सामने आएं हैं।
थलपति विजय की क्या होगी जीत?
सर्वे के अनुसार विजय जैसे नए राजनीतिक चेहरों का उदय वोटर्स की प्राथमिकताओं को अप्रत्याशित तरीकों से नया आकार दे रहा है।हालिया सर्वे के आंकड़े के अनुसार एक्टर थलपति विजय पेरम्बूर और त्रिची ईस्ट दोनों सीटों पर शानदार जीत हासिल करेंगे।

क्या DMK से छिन जाएगी की सत्ता?
सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) गठबंधन सत्ता में बने रहने की स्थिति में दिख रही है,जूनियर विकटन का अनुमान है तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा में DMK नेतृत्व वाला गठबंधन 121 सीटें हासिल कर बहुमत के आंकड़े (118) को पार करता दिख रहा है। DMK अकेले 97 सीटें जीत सकती है, जिसमें भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, सीपीआई (मार्क्सवादी) और विदुथलाई चिरुथिगल काची जैसे सहयोगी दलों का भी योगदान रहेगा।
AIADMK गठबंधन को कितनी मिलेंगी सीटें?
विपक्षी AIADMK गठबंधन को 83 सीटें मिलने का अनुमान है, जिसमें AIADMK 75 सीटें जीत सकती है। बीजेपी और पट्टालि मक्कल काची जैसे छोटे सहयोगी मामूली बढ़त बना सकते हैं, जो करीबी मुकाबले का संकेत है।
तमिलनाडु CM के तौर पर थलपति या स्टालिन कौन है पहली पसंद?
मुख्यमंत्री पद की पसंद के मामले में थलपति विजय ने सबको चौंका दिया है। सर्वे में 44% लोगों ने उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में देखना पसंद किया है, जो DMK के एम.के. स्टालिन (28%) और AIADMK के एडप्पाडी के. पलानीस्वामी (25%) से काफी अधिक है। सीमान को 3% लोगों का समर्थन मिला है, जिससे विजय की बढ़ती लोकप्रियता स्पष्ट झलकती है।
किस गठबंधन को कितने फीसदी मिलेगा वोट?
जनता की राय में, DMK गठबंधन को 36%, AIADMK गठबंधन को 33% और TVK को 27% समर्थन मिलने का अनुमान है; नाम तमिलर काची को 3% वोट मिल सकते हैं। पार्टी-वार वोट शेयर इस प्रकार है- DMK 37.50%, AIADMK 33.63%, TVK 24.71% और नाम तमिलर काची 2.71%।
क्या अकेले दम पर DMK बना पाएंगी तमिलनाडु में सरकार?
सर्वे में यह भी सामने आया है कि खंडित जनादेश की आशंका के बावजूद, अधिकांश उत्तरदाताओं (55.9%) को एकल-पार्टी सरकार की उम्मीद है, जबकि 32.1% गठबंधन सरकार की भविष्यवाणी कर रहे हैं। केवल 12% लोगों को त्रिशंकु विधानसभा की संभावना दिखती है। हालांकि, 27 ऐसी सीटें हैं जहां मुकाबला बेहद कड़ा है, जो अंतिम परिणामों में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है।
क्या DMK सरकार से संतुष्ट है तमिलनाडु की जनता?
राज्य में सत्ता विरोधी रुझान भी सक्रिय है। 62% उत्तरदाताओं ने सरकार में बदलाव का समर्थन किया है, जबकि 38% लोग मौजूदा सरकार को जारी रखने के पक्ष में हैं। इससे साफ है कि DMK गठबंधन भले ही आगे हो, लेकिन उसे सत्ता विरोधी दबावों का सामना करना पड़ रहा है।
थलपति के चुनाव लड़ने से किसे हो रहा ज्यादा नुकसान?
एक दिलचस्प सर्वे में यह भी पता लगाया कि अगर विजय राजनीति में प्रवेश नहीं करते, तो नाम तमिलर काची को सबसे ज्यादा फायदा होता और उसे 30% से अधिक समर्थन मिलता। AIADMK और DMK को भी कुछ वोट बढ़ते, जिससे यह संकेत मिलता है कि TVK विभिन्न राजनीतिक स्पेक्ट्रम से वोट खींच रही है।
तत्काल चुनावों से परे, भविष्य के राजनीतिक प्रभाव के मामले में भी विजय 47.25% के साथ सबसे आगे हैं। उनके बाद स्टालिन (24.9%) और पलानीस्वामी (15.79%) का स्थान है। के. अन्नामलाई का प्रभाव मात्र 1.28% दर्ज किया गया है।
कुल मिलाकर, DMK गठबंधन को मामूली बढ़त मिली है, लेकिन विजय की TVK का बढ़ता प्रभाव और AIADMK की निरंतर उपस्थिति इस चुनाव को बेहद प्रतिस्पर्धी बनाती है। कई सीटों पर कांटे की टक्कर और बदलाव की मजबूत लहर के बीच, 23 अप्रैल का परिणाम राज्य की राजनीति में अपेक्षित निरंतरता और चौंकाने वाले बदलाव दोनों ला सकता है।














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