नूपुर शर्मा विवाद में स्वऱा भास्कर बोलीं- ‘यह एक पुतला है। वे असली लोग थे...'
नूपुर शर्मा विवाद में स्वऱा भास्कर बोलीं- ‘यह एक पुतला है। वे असली लोग थे...'
नई दिल्ली। बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नुपूर शर्मा द्वारा पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप में बीजेपी ने उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया, वहीं नुपूर शर्मा के खिलाफ देश के अलग-अलग जगहों पर प्रदर्शन हो रहे हैं। कर्नाटक में नुपूर शर्मा के खिलाफ प्रदर्शन किया गया और प्रदर्शन कर रहे लोगों ने उनका पुतला टांग दिया। नूपुर शर्मा के पुतले को लटकाए जाने के विरोध में भारत के पूर्व क्रिकेटर वेंकटेश प्रसाद के एक ट्वीट कर इसकी आलोचना की तो बॉलीवुड एक्ट्रेस स्वरा भास्कर ने इस ट्वीट को रिट्वीट करते हुए अपनी बात रखी।

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स्वरा भास्कर ने नूपुर शर्मा के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन मामले में जब पूर्व क्रिकेटर वेंकटेश प्रसाद के एक ट्वीट कर लिखा कि विश्वास नहीं हो रहा कि ये 21वीं सदी का भारत है। उन्होंने इस तरह के प्रदर्शन की निंदा की तो स्वरा ने उस ट्वीट को रिट्वीट करते हुए लिखा यह तो एक पुतला था, लेकिन देश में असली लोगों को जिंदा जला दिया गया। स्वरा ने नूपुर के बहाने मॉब लिंचिंग का मसला उटाया और लिखा कि मुझे उम्मीद है कि हम लोग बीफ लिंचिंग पर भी ऐसा ही खौफ महसूस करते होंगे। स्वरा ने लिखा कि राजस्थान के राजसमंद में तथाकथित लव जेहाद के शक में एक गरीब प्रवासी मजदूर को जिंदा जला दिया गया था। यह तो पुतला है, लेकिन वो असली लोग थे।
स्वरा ने साधा निशाना
स्वरा ने लिखा कि हिंसा किसी भी रूप में सही नहीं है। स्वरा ने लिखा कि हिंसा अमानवीय, अनैतिक और गंदी राजनीतिक रणनीति है। उन्होंने कहा कि इसे महात्मा गांधी से बेहतर कोई नहीं समझ सकता था। हालांकि नूपुर शर्मा मामले में न केवल स्वरा भास्कर ने आलोचना की, बल्कि इससे पहले बॉलीवुड एक्ट्रेस ऋचा चड्ढा ने तंज कसा। नूपुर शर्मा द्वारा अपने बयानों को लेकर माफी मांगे जाने को लेकर ऋचा ने तंज कसा कि अपने कहे हुए शब्दों को वापिस लेना माफी नहीं है। उन्होंने लिखा कि अगर माफी दबाव में आकर बोला हैं तो भी यह माफी नहीं हैं। उन्होंने नूपुर शर्मा की माफी की आलोचना करते हुए लिखा कि इतिहास गवाह है कि जब जब जान बचानी थी, माफी ही काम आनी थी।
Agree. I hope all us sane people feel the same horror at the beef lynchings & when the a poor migrant labourer was burnt alive on suspicion of so-called love jehad in Rajasamand, Rajasthan. This is an effigy, those were real people.
— Swara Bhasker (@ReallySwara) June 11, 2022
Our horror should not be based on identity. 🙏🏽 https://t.co/ljWRypnfQY












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