जन धन अकाउंट खोलने वाली कंपनी ने डीटेल चोरी करके सफेद किया काला धन, पुलिस ने जताई आशंका
पुलिस ने आशंका जताई है कि कम से कम 13 जन धन खातों के सिक्योरिटी फीचर में सेंध लगाकर उनके पासवर्ड भी चोरी किए गए और इसके बाद सभी खातों में 2 से 3 लाख रुपये तक जमा कराए।
कटक। ओडिशा के कटक में पुलिस ने जन धन खातों का इस्तेमाल कालाधन सफेद करने के लिए किए जाने की आशंका से छानबीन शुरू कर दी है। कटक सिटी पुलिस ने एक स्वयं सहायता समूह के सदस्यों के खातों में संदिग्ध ट्रांजेक्शन पाया है। पुलिस को आशंका है कि इन खातों का इस्तेमाल कालेधन को सफेद करने के लिए किया गया है। जिन खातों में जो पैसा जमा कराया है उसके असल खाताधारतों को इस बात की जानकारी भी नहीं है।

अंडरग्राउंड हो गया कंपनी का मालिक
कटक के जगतपुर पुलिस स्टेशन के IIC अनिल कुमरा बेउरिया ने कहा, 'हमें शक है कि यह पूरा मामला उस माइक्रो फाइनेंस कंपनी का किया धरा है जिसने स्वयं सहायता समूह तुलसी के सदस्यों के जनधन खाते खोले थे।' उन्होंने बताया कि 30 दिसंबर को मामला सामने आने के बाद से ही माइक्रो फाइनेंस कंपनी के प्रमुख सचिंद्र भोई का कोई पता नहीं है। पुलिस को आशंका है कि भोई ने ही इस पूरे फर्जीवाड़े की साजिश रची है।
चोरी की गई खातों की गुप्त जानकारी
पुलिस ने आशंका जताई है कि भोई ने कम से कम 13 जन धन खातों के सिक्योरिटी फीचर में सेंध लगाई और उनके पासवर्ड भी चोरी किए। इसके बाद उसने सभी खातों में 2 से 3 लाख रुपये तक जमा कराए। इसके बाद उसने इस पैसे को दूसरे खातों में किसी गुप्त उद्देश्य से ट्रांसफर कर दिया। सिटी पुलिस अब इस मामले को प्रवर्तन निदेशालय और आयकर विभाग के अधिकारियों तक पहुंचाने की योजना बना रही है।












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