'मेरी मां कहा करती थीं...', सुषमा स्वराज की बेटी ने बताया कैसे पड़ा उनका नाम 'बांसुरी' ?
Bansuri Swaraj News: भारतीय जनता पार्टी ने सुषमा स्वराज की बेटी बांसुरी स्वराज को नई दिल्ली लोकसभा सीट से चुनावी मैदान में उतारा है। पार्टी ने केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी का टिकट काटकर बांसुरी पर भरोसा जताया है। जिसके बाद से बांसुरी बिना रूके और बिना थके चुनाव प्रचार में जुटी हुई हैं।
इस बीच भाजपा नेता बांसुरी स्वराज ने हाल ही में एक न्यूज एजेंसी को इंटरव्यू दिया, जिसमें उन्होंने बताया कि आखिर कैसे उनका नाम बांसुरी रखा गया।

इंटरव्यू के दौरान अपने नाम 'बांसुरी' को लेकर उन्होंने कहा कि उनकी मां पूर्व विदेश मंत्री और भाजपा की दिग्गज नेता दिवंगत सुषमा स्वराज भगवान कृष्ण की भक्त थीं और उनके पिता उनका नाम एक संगीत वाद्ययंत्र पर रखना चाहते थे, इसलिए उन्हें यह नाम 'बांसुरी' मिला।
पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में नई दिल्ली लोकसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार ने कहा कि उनकी मां 'कृष्ण उपासिका' थीं और कहती थीं कि बांसुरी कृष्ण की पसंदीदा चीजों में से एक है।
'मैं थोड़ा-बहुत गा लेती हूं, लेकिन...'
बीजेपी नेता बांसुरी स्वराज ने आगे कहा कि वह बांसुरी बजाना नहीं जानती, लेकिन थोड़ा-बहुत गा सकती हैं। उन्होंने कहा, "जहां तक मेरे बांसुरी (बांसुरी) बजाने का सवाल है, नहीं, मैंने कभी इसकी कोशिश नहीं की है, लेकिन मैं थोड़ा-बहुत गा लेती हूं।"
जानिए कौन हैं बांसुरी स्वराज?
भाजपा की दिग्गज नेता सुषमा स्वराज और स्वराज कौशल के घर जन्मे बांसुरी सुप्रीम कोर्ट वकील हैं, उन्होंने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से लॉ की पढ़ाई की है।
लॉ से पहले बांसुरी ने इंग्लैंड के वारविक यूनिवर्सिटी में अंग्रेजी साहित्य का अध्ययन किया। बांसुरी हरियाणा की अतिरिक्त महाधिवक्ता थीं और 2007 से निजी प्रैक्टिस कर रही हैं। साल 2023 में बांसुरी को दिल्ली में भाजपा के कानूनी प्रकोष्ठ के सह-संयोजक के रूप में नियुक्त किया गया था।
दिल्ली बीजेपी की चुनाव समिति द्वारा तैयार की गई सूची में बांसुरी का नाम सबसे ऊपर था। उन्हें नई दिल्ली लोकसभा क्षेत्र से वर्तमान सांसद और केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी की जगह भाजपा उम्मीदवार बनाया गया है।












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