राज्यसभा में बोलीं सुषमा- भारत के बेटे को बचाने के लिए वकील नहीं सीधे राष्ट्रपति से करेंगे बात
कुलभूषण जाधव को भले ही पाकिस्तान ने मौत की सजा सुना दी हो लेकिन भारत खामोश बैठने वाला नहीं है। इसकी एक बानगी मंगलवार को संसद के दोनों सदनों में देखने को मिली।
पाक आर्मी द्वारा सोमवार को पूर्व भारतीय नौसेना अधिकारी कुलभूषण जाधव को सजा-ए-मौत सुनाए जाने के बाद से भारत में तरह-तरह की प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है। मंगलवार को संसद के दोनों सदनो में जोरदार हंगाम हुआ। जिसके बाद गृह मंत्री राजनाथ सिंह को सदन में बयान देना पड़ा। उन्होंने कहा कि पूरे सदन में कुलभूषण को लेकर आक्रोश है, पाकिस्तान में कुलभूषण जाधव को दी गई फांसी की सजा का भारत सरकार खंडन करती है। इसके लिए भारत सरकार कुछ भी करेगी। उन्होंने कहा कि जाधव को न्याय मिलेगा।

हालांकि कुलभूषण मुद्दे पर विपक्ष सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ना चाहता। कांग्रेस सांसद मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार पर हमला बोलते हुए लोकसभा में कहा कि यदि कुलभूषण जाधव को भारत सरकार बचा नहीं पाई तो यह सरकार की कमजोरी होगी। उन्होंने पाकिस्तान पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पाकिस्तान द्वारा कुलभूषण को फांसी की सजा देना एक सोचा समझा मर्डर है।
कुछ भी करने से पहले हमसे रिश्तों के बारे में सोचे पाकः सुषमा
हालांकि कुलभूषण मुद्दे पर पाकिस्तान के खिलाफ पूरा सदन एकजुट दिखा। एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने लोकसभा में कहा कि सरकार को अपने प्रभाव का इस्तेमाल जाधव को सुरक्षित वापस भारत लाना चाहिए। ओवैसी ने कहा कि पाकिस्तान कोर्ट ने बिना किसी सबूत के कुलभूषण को मौत की सजा सुनाई। वहीं विदेश मंत्री सुषमा स्वारज ने भी राज्य सभा में कुलभूषण जाधव मुद्दे पर बयान दिया। उन्होंने कहा कि कुलभूषण जाधव भारत का बेटा है, उसे बचाने के लिए कुछ भी करेंगे। उन्होंने पाकिस्तान को चेताते हुए कहा कि- ''मैं पाकिस्तान सरकार को याद दिलाना चाहती हूं कि अगर वो इस मामले पर आगे बढ़ने से पहले द्विपक्षीय रिश्तों पर होने वाले असर पर ध्यान दें।" उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सरकार के पास कुलभूषण के खिलाफ कोई ऐसा सबूत नहीं है जिससे यह साबित होता हो कि कुलभूषण ने कोई गलत काम किया। यह एक तरह से सोची-समझी साजिश है।
खुद पाकिस्तानी वरिष्ठ नेता को है शक
कुलभूषण को बचाने के लिए सुषमा ने राज्यसभा में बड़ा बयान देते हुए कहा कि- "हिंदुस्तान के इस बेटे (कुलभूषण) को बचाने के लिए अच्छा वकील खड़ा करना तो बहुत छोटी बात है हम सीधे राष्ट्रपति से बात करेंगें।" विदेश मंत्री ने संसद को दोनों सदनों में बयान दिया। उन्होंने लोकसभा में कहा कि पाकिस्तान के एक वरिष्ठ नेता ने खुद इस मामले में सबूतों की पर्याप्तता के बारे में संदेह व्यक्त किया है। हम कुलभूषण को बचाने के लिए कुछ भी करेंगे।












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