BMC ने क्वारंटीन किए गए बिहार पुलिस के अधिकारी से कहा- डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए करें जांच
नई दिल्ली। एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मौत से जुड़े मामले की जांच करने मुंबई गए बिहार पुलिस के अफसर विनय तिवारी को बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) ने कोरोना के नियमों का हवाला देते हुए तीन दिन पहले क्वारंटीन कर दिया था। बिहार पुलिस ने बीएमसी को चिट्ठी लिखकर आईपीएस विनय तिवारी को क्वारंटीन में छूट देने की अपील की थी। इस पर जवाब देते हुए बीएमसी ने किसी भी छूट से इनकार कर दिया है। साथ ही लिखा है कि उनको जांच के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करना चाहिए। जिससे कोरोना के समय संक्रमण का खतरा नहीं हो।

जूम, जिओ मीट जैसे ऐप करें इस्तेमाल
बिहार पुलिस की चिट्ठी के जवाब में बीएमसी के एडिशनल कमिश्नर ने लिखा है कि आईपीएस विनय तिवारी अपनी जांच को डिडिटल प्लेटफॉर्म जैसे- जूम, जिओ मीट, गूगल मीट, माइक्रोसॉफ्ट टीम और दूसरे मीटिंग ऐप के जरिए कर सकते हैं। इससे उनको दफ्तर जाने की जरूरत नहीं होगी। इससे वो खुद और दफ्तर में मौजूद दूसरे लोगों को संक्रमित होने से बचाएंगे।

बिहार पुलिस ने बीएमसी के फैसले पर नाखुश
बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे ने तिवारी को क्वारंटीन में छूट ना देने के बीएमसी के फैसले पर नाखुशी जाहिर की है। डीजीपी पांडे ने कहा है कि पटना आईजी ने बीएमसी के प्रमुख को एक पत्र लिखा था, जिसमें आईपीएस विनय तिवारी को क्वारंटीन किए जाने का विरोध करते हुए उन्हें रिहा करने का अनुरोध किया गया था। बीएमसी ने पटना पुलिस को इस पत्र का जवाब भेजा है। अब हमारे एसपी विनय तिवारी 14 दिनों के लिए वहीं रहेंगे। बीएमसी का यह फैसला दुर्भाग्यपूर्ण है।

मुंबई के गेस्ट हाउस में रखे गए हैं तिवारी
फिल्म अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत ने मुंबई में अपने फ्लैट में 14 जून को मृत पाए गए थे। मुंबई पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। सुशांत के पिता जो कि पटना में रहते हैं, उन्होंने इस मामले में रिया के खिलाफ एफआईआर की गई है। जिसके बाद मामले की जांचके लिए बिहार केआईपीएस अधिकारी विनय तिवारी रविवार को मुंबई पहुंचे थे। मुंबई पहुंचने पर बीएमसी ने उन्हें क्वारंटीन कर दिया था। तिवारी को गोरेगांव के एक गेस्ट हाउस में ठहराया गया है।












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