Surya Kiran Crash: तकनीकी नहीं बल्कि इंसानी भूल की वजह से हुआ था क्रैश!

नई दिल्‍ली। 19 फरवरी को बेंगलुरु में एरो-इंडिया 2019 (Aero India 2019) की तैयारियां चल रही थीं कि अचानक एक बुरी खबर आई। यहां पर येलहांका एयरबेस पर एरोबैटिक टीम सूर्य किरण के दो एयरक्राफ्ट आपस में टकरा गए और क्रैश हो गए। क्रैश में भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) के बहादुर और बेहतरीन पायलट विंग कमांडर साहिल गांधी शहीद हो गए थे। अब ऐसी खबरें आ रही हैं कि यह क्रैश इंसानी गलती का नतीजा था। इंग्लिश डेली हिन्‍दुस्‍तान टाइम्‍स ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि करतब दिखाते हुए दो हॉक ट्रेनर जेट एयरक्राफ्ट आपस में टकरा गए थे और इस हादसे की वजह मानवीय भूल थी। इस हादसे में दो पायलट घायल भी हो गए थे।

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पायलट की गलती!

हॉक ट्रेनर जेट ब्रिटेन के हैं और हादसे के समय दोनों जेट्स रिहर्सल कर रहे थे। सूर्य किरण की टीम को अगले पांच दिनों तक चलने वाले शो में परफॉर्म करना था। सूत्रों की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक जो दो ट्रेनर जेट क्रैश हुए थे, उन्‍हें मिरर मैनूवर को परफॉर्म करना था। शुरुआती जांच के मुताबिक पायलट की गलती की वजह से जेट गलत फॉर्मेशन में उड़ान भर रहे थे। मिरर मैनूवर के तहत दर्शकों को ऐसा लगता है कि एक जेट, दूसरे जेट के ठीक ऊपर उलटा है। जबकि हकीकत में इस करतब के तहत जेट को बहुत कम दूरी बनाकर रखनी पड़ती है। दूरी बस इतनी होती है कि आपस में टकराने के चांस कम से कम हों। सूत्रों की मानें तो दोनों ही पायलट को कम से कम दूरी रखनी थी और ऐसा लगता है कि पायलट ऐसा करने में असफल रहे। जो जेट ऊपर की तरफ होता है उसमें एक ही पायलट होता है और नीचे वाले जेट में दो पायलट होते हैं।

फरवरी में दूसरा बड़ा क्रैश

वहीं वायुसेना ने इस पर कोई टिप्‍पणी करने से इनकार कर दिया है। उसका कहना है कि अभी जांच जारी है और क्रैश के कारण जांच पूरी होने के बाद ही तय हो पाएंगे। फरवरी में यह दूसरा क्रैश था जिसमें आईएएफ के जेट क्रैश हुए थे और पायलट की जान गई थी। इससे पहले एक फरवरी को मिराज-2000 जेट्स क्रैश हो गए थे। इस क्रैश में दो पायलट शहीद हो गए थे। नौ एयरक्राफ्ट के साथ सूर्य किरण एरोबैटिक टीम कई अहम मौकों पर आसमान में करतब दिखाती है। इस स्‍क्‍वाड्रन में हिन्‍दुस्‍तान एरोनॉटिक्‍स लिमिटेड (एचएएल) के बने एचजेटी-16 किरन एमके 2 मिलिट्री एयरक्राफ्ट साल 2011 तक थे। उस समय इन्‍हें कर्नाटक के बीदर एयरफोर्स स्‍टेशन पर बेस किया गया था। फरवरी 2011 में इसे सस्‍पेंड कर दिया गया और फिर साल 2017 में हॉक एमके-132 एयरक्राफ्ट के साथ फिर से स्‍क्‍वाड्रन तैयार की गई।

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