Chhattisgarh News: सरगुजा क्षेत्र के सर्वांगीण विकास और जनजातीय सशक्तिकरण को प्राथमिकता: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
विष्णु देव साय की अध्यक्षता में, सरगुजा क्षेत्र के विकास प्राधिकरण ने 2025-26 के लिए ₹ 50 करोड़ और 543 विकास कार्यों को मंजूरी दी। बैठक में सरगुजा और बस्तर क्षेत्रों को प्राथमिकता देने, पीएम जेजेएम के तहत विद्युतीकरण में तेजी लाने, पानी की आपूर्ति में सुधार और बखतपुर और पड़ोसी जिलों में आदिवासी सशक्तिकरण और पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
विष्णु देव साय की अध्यक्षता में कोरिया जिले के बैकुंठपुर में आयोजित सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक में सरगुजा संभाग के जिलों में संचालित विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 50 करोड़ रुपये के बजट प्रावधान को स्वीकृति दी गई और 543 विकास कार्यों को मंजूरी प्रदान की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने सरगुजा और बस्तर क्षेत्रों के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता में रखा है। प्राधिकरण के माध्यम से पिछड़े और वनांचल क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरगुजा क्षेत्र के सर्वांगीण विकास, जनजातीय समाज के सशक्तिकरण और क्षेत्र की समृद्धि के लिए सरकार पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 50 करोड़ रुपये के बजट प्रावधान को स्वीकृति दी गई। जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों के आधार पर 543 विकास कार्यों के लिए 4905.58 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई। साथ ही वर्ष 2024-25 में स्वीकृत 606 कार्यों को भी औपचारिक अनुमोदन दिया गया।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी स्वीकृत कार्य निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं तथा लंबित कार्यों को मार्च तक पूरा किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी और गर्मी के मौसम में पर्याप्त पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
बैठक में जानकारी दी गई कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के सोनहत विकासखंड में विद्युतीकरण कार्य तेजी से जारी है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी स्वीकृत कार्य समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरे किए जाएं, ताकि विकास योजनाओं का लाभ सीधे जनजातीय और वनांचल क्षेत्रों तक पहुंचे।
हाईमास्ट सोलर लाइट और पर्यटन को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों में हाईमास्ट सोलर लाइट लगाने, किसानों की समस्याओं के समाधान, बिजली बिलों में त्रुटियों को दूर करने और गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि प्राधिकरण की पिछली बैठक जशपुर जिले के मयाली में आयोजित हुई थी, जिसके बाद वहां पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिला। उन्होंने बताया कि गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में विश्व के बड़े शिवलिंग को स्थान मिला और स्वदेश दर्शन योजना के तहत राशि स्वीकृत हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बैकुंठपुर में आयोजित इस बैठक से जिले की पहचान और पर्यटन संभावनाओं को नई दिशा मिलेगी। झुमका जलाशय सहित क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। विभिन्न जिलों में इस तरह की बैठकों से स्थानीय विकास को गति मिलती है।
बैठक में कृषि मंत्री रामविचार नेताम, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, सांसद चिंतामणि महाराज सहित जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सरकार ने स्पष्ट किया कि सरगुजा क्षेत्र के विकास और जनजातीय समाज के सशक्तिकरण के लिए योजनाबद्ध और परिणामोन्मुखी कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी।












Click it and Unblock the Notifications