वायुसेना ने 11 दिनों में कैसे रचा 300 आतंकियों के खात्मे का प्लान, जानिए अंदर की बात

पुलवामा आतंकी हमले के बाद 11 दिनों के अंदर ऐसे तैयार हुआ बदले का प्लान, कहीं नहीं थी चूक की गुंजाइश...

नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर के पुलवामा में 14 फरवरी को हुए जैश-ए-मोहम्मद के फिदायीन हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ के 40 जवानों का बदला लेते हुए भारतीय वायुसेना ने पीओके में घुसकर आतंकियों को मार गिराया है। सोमवार-मंगलवार की आधी रात को की गई इस कार्रवाई में भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान पीओके में घुसे और करीब 21 मिनट तक आतंकियों के ठिकानों पर करीब 1000 किलो बम बरसाए। सूत्रों का कहना है कि इस कार्रवाई में 200 से 300 आतंकियों के मारे जाने की खबर है। वायुसेना ने जैश-ए-मोहम्मद के कंट्रोल रूम को भी तबाह कर दिया है। आइए जानते हैं कि अपने 40 जवानों की शहादत का बदला लेने और आतंकियों को उनके घर में घुसकर मुंहतोड़ जवाब देने के लिए भारतीय वायुसेना और सुरक्षा एजेंसियों ने कैसे इस बड़े हमले की पूरी योजना तैयार की।

पुलवामा के अगले ही दिन तय हुआ बदले का प्लान

पुलवामा के अगले ही दिन तय हुआ बदले का प्लान

इंडिया टुडे की खबर के मुताबिक, 14 फरवरी को पुलवामा में हुए आतंकी हमले के एक दिन बाद ही 15 फरवरी को एयर चीफ मार्शल बीरेंद्र सिंह धनोआ ने जवाबी कार्रवाई के तौर पर सरकार के सामने पीओके में एयर स्ट्राइक करने का प्रस्ताव रखा। सरकार ने एयर चीफ मार्शल के इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इसके बाद 16 से 20 फरवरी के बीच भारतीय वायुसेना और इंडिया आर्मी ने हेरॉन ड्रोन के जरिए एलओसी के आस-पास हवाई निगरानी की। एलओसी की हवाई निगरानी के बाद 20 से 22 फरवरी के बीच भारतीय वायुसेना और खुफिया एजेंसियों ने मिलकर एयर स्ट्राइक के लिए पीओके में संभावित जगहों पर टारगेट टेबल तैयार करने का काम शुरू किया।

हमले के लिए चुने गए ये विमान

हमले के लिए चुने गए ये विमान

'टारगेट टेबल' तैयार करने के बीच 21 फरवरी को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोवाल की ओर से एयर स्ट्राइक के लिए टारगेट विकल्प निर्धारित कर दिए गए। टारगेट विकल्प तय होने के बाद एयर स्ट्राइक मिशन के लिए भारतीय वायुसेना के 1 स्क्वाड्रन 'टाइगर्स' और 7 स्क्वाड्रन 'बैटल एक्सिस' एक्टिवेट किए गए। इनके अलावा इस मिशन को अंजाम देने के लिए दो मिराज स्क्वाड्रन के 12 जेट विमान चुए गए। पीओके में एयर स्ट्राइक की पूरी तैयारियां हो चुकी थी। 24 फरवरी को भटिंडा से वार्निंग जेट और आगरा से मिड एयर रिफ्यूलर के साथ देश के भीतर ही एयर स्ट्राइक का एक ट्रायल किया गया। अब बस एयर स्ट्राइक का अंजाम देना बाकी था।

और ऐसे हुआ मिशन कंपलीट

और ऐसे हुआ मिशन कंपलीट

इसके बाद 25-26 फरवरी को भारतीय वायुसेना का मिशन शुरू होता है। 25 फरवरी की रात को अलग-अलग बैच के रूप में ग्वालियर से 12 मिराज 2000 विमानों ने उड़ान भरी। ये सभी विमान लेजर गाइडेड बमों से लैश थे। इनके अलावा पंजाब के भटिंडा से भारतीय वायुसेना के एक 'अर्ली वार्निंग जेट' और आगरा से मिड-एयर रिफ्यूलिंग टैंकर ने उड़ान भरी। भारतीय वायुसेना के हेरॉन सर्विलांस ड्रोन के जरिए एक सीक्रेट हवाई क्षेत्र को चुना गया। इसके बाद मिराज के पायलटों ने टारगेट को लेकर फाइनच चेक किया और कमांड सेंटर से उन्हें आगे बढ़ने के संकेत दे दिए गए। मिराज विमानों ने एलओसी पर मुजफ्फराबाद के पास कम ऊंचाई की उड़ान भरी और लेजर पॉड्स का इस्तेमाल करते हुए तय किए गए टारगेट पर बम गिराने शुरू कर दिए। इस मिशन को रात 3:20 बजे से 3:30 के बीच शुरू किया गया। मिशन पूरा होने के बाद 26 फरवरी की सुबह एनएसए अजीत डोवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शीर्ष नेतृत्व को एयर एयर स्ट्राइक की जानकारी दे दी।

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