• search
क्विक अलर्ट के लिए
अभी सब्सक्राइव करें  
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

जज लोया मामले में आज सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला, SIT गठन पर होगा निर्णय

|

नई दिल्ली। जज बीएच लोया की मौत के मामले में आज सुप्रीम कोर्ट अपना अहम फैसला सुना सकती है। कोर्ट आज इस बात पर अपना फैसला सुना सकती है कि जज लोया की मौत की जाांच के लिए अलग से एसआईटी के गठन की जरूरत है या नहीं। इस मामले में 16 मार्च को कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। ऐसे में आज कोर्ट के फैसले के बाद साफ हो जाएगा कि जज लोया की मौत के मामले में एसआईटी के गठन की जरूरत है या नहीं।

judge loya

सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामला

आपको बता दें कि जज लोया सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामले की सूनवाई कर रहे थे इस दौरान एक कार्यक्रम के दौरान उन्हें दिल का दौरा पड़ा और उनका निधन हो गया। सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामले में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के खिलाफ मामला भी कोर्ट में लंबित था। हालांकि इस मामले में शाह को कोर्ट ने पहले ही बरी करते हुए आरोपमुक्त कर दिया था। लोया की मौत की जांच की मांग का महाराष्ट्र सरकार ने विरोध किया था, उन्होंने कोर्ट में दायर याचिका को रद्द करने की मांग की थी।

महाराष्ट्र सरकार का विरोध

महाराष्ट्र सरकार ने दलील दी थी कि यह याचिका पूर्वाग्रह से ग्रसित है और इसकी मंशा सिर्फ एक व्यक्ति को टार्गेट करने की है। महाराष्ट्र सरकार की ओर से कोर्ट में वरिष्ठ वकील मुकुल रोहातगी पेश हुए थे। हालांकि उन्होंने शाह का नाम नहीं लिया था, लेकिन उन्होंने कहा था कि इस मामले में एसआईटी जांच की जरूरत नहीं है, जज लोया के साथ उनके चार अन्य साथी भी उनके साथ हर समय साये की तरह मौजूद थे, ऐसे में उनके बयान पर भरोसा नहीं किए जाने की कोई वजह नहीं है। ऐसे में अगर इस मामले की एसआईटी जांच होती है तो चारों जज शक के घेरे में आ जाएंगे

मौत पर उठाए सवाल 

वहीं इस पूरे मामले में याचिकाकर्ता का कहना है कि लोया की मौत संदिग्ध है और इसकी जांच होनी चाहिए। याचिकाकर्ता की वकील इंदिरा जय सिंह ने कहा कि जज लोया को कभी भी दिल की परेशानी नहीं थी और ना ही उनके परिवार में किसी को दिल से जुड़ी बीमारी थी। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति की जब संदिग्ध परिस्थिति में मौत होती है तो सीआरपीसी की धारा 174 के तहत कार्रवाई होती है, लेकिन इस समामले में ऐसा नहीं किया गया, यहां तक की एफआईआर भी दर्ज नहीं की गई।

ईसीजी रिपोर्ट अलग

वहीं प्रशांत भूषण ने दलील दी है कि ईसीजी रिपोर्ट में साफ है कि जज लोया की मौत दिल का दौरा पड़ने से नहीं हुई है। जो रिपोर्ट सामने आई है उसमे हार्ट अटैक का जिक्र नहीं किया गया है। आपको बता दें कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस दीपक मिश्रा की बेंच ने सभी पक्षों की दलील सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। जस्टिस लोया की एक दिसंबर 2014 को अपने एक सहकर्मी की बेटी की शादी से लौटते वक्त मृत्यु हो गई थी।

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Supreme court to pronounce its verdict on Judge Loya death case. Court had reserved its verdict on 16 march.
For Daily Alerts

Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more