सुब्रत रॉय को जेल या बेल, फैसला कल

वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी ने सुनवाई शुरू होने पर अदालत से कहा कि एआर अंतुले मामले के मुताबिक सर्वोच्च न्यायालय अपनी खामी को ठीक कर सकता है। जेठमलानी ने कहा कि दोनों न्यायाधीशों से यह कहा जाना शर्मीदगी भरा लग रहा है कि उनके आदेश सही नहीं थे। जेठमलानी ने कहा कि मेरे लिए यह काफी शर्मीदगी भरा है। अगर आप मुझे सुनना चाहते हैं, तो मुझे कोई कठिनाई नहीं होगी।
न्यायमूर्ति केहर ने कहा कि हम आपके तर्क से शर्मिदा हुए या नहीं यह हम देखना चाहते हैं। आपने जो तैयार किया है, वह आप जानें। अदालत ने सुनवाई के लिए गुरुवार अपराह्न् दो बजे का समय निश्चित किया। रॉय ने चार मार्च के आदेश को खारिज किए जाने की याचिका दाखिल की है। सहारा समूह ने निवेशकों के बकाया 19,000 करोड़ रुपये वापस करने के मामले में रॉय की हिरासत का उल्लेख करते हुए बुधवार सुबह सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की।
यह राशि सहारा समूह की दो कंपनियों एसआईआरईसीएल और एसएचआईसीएल ने वैकल्पिक रूप से पूरी तरह परिवर्तनीय डिबेंचर (ओएफसीडी) के जरिए निवेशकों से जुटाई गई थी। निवेशकों के पैसे वापस करने के लिए सहारा समूह की ओर से एक स्वीकार्य प्रस्ताव अदालत के सामने रखने में असफल रहने पर न्यायमूर्ति केएस राधाकृष्णन और न्यायमूर्ति जेएस केहर ने चार मार्च को सुब्रत रॉय को न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।












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