समलैंगिक विवाह को मान्यता देने को लेकर याचिका पर SC में सुनवाई आज
समलैंगिक विवाह को कानूनी वैद्यता देने की मांग को लेकर कई याचिकाएं दायर की गई हैं। इन याचिकाओं पर आज से सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी शुरू।

सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की बेंच आज समलैंगिक विवाह की मांग को लेकर दायर याचिकाओं पर सुनवाई करेगी। समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने को लेकर दर्ज की गई याचिकाओं पर आज से सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू होगी।
बता दें कि इसको लेकर 15 याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई हैं, जिसके बाद इस मामले को सुप्रीम कोर्ट की बड़ी बेंच को सौंप दिया गया। इस बेंच की अध्यक्षता मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ करेंगे। उन्होंने इस मसले को काफी संवेदनशील बताया है।
सुप्रीम कोर्ट की बेंच में चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ के अलावा, जस्टिस एसके कौल, एस रवींद्र भट्ट, पीएस नरसिम्हा, हिमा कोलही शामिल हैं। गौर करने वाली बात है कि 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने अनुच्छेद 377 को अपराध की सूचि से हटा दिया था।
पहले समलैंगिक यौन संबंध धारा 377 के तहत कानूनी अपराध था और इसे प्रकृति के खिलाफ बताया गया था। लेकिन इस धारा को अपराध की सूचि से हटाने के बाद अब मांग उठ रही है कि समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता दी जाए ताकि समाज में इस समुदाय को लेकर भेदभाव को खत्म किया जा सके।
समलैंगिक विवाह के पक्ष में तर्क
दिल्ली कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राउट्स ने इस याचिका का समर्थन किया है। उसकी ओर से कहा गया है कि समलैंगिक परिवार सामान्य बात है, सरकार को इसे मान्यता देने के लिए कदम आगे बढ़ाना चाहिए और इसे बढ़ावा देना चाहिए।
कई शोध सामने आए हैं जिसमे कहा गया है कि समलैंगिक कपल अच्छे माता-पिता हो सकते हैं। 50 से अधिक देशों में समलैंगिक कपल को बच्चे गोद लेने की मान्यता दी गई है। सुप्रीम कोर्ट में जो याचिका दायर की गई है उसमे व्यक्तिगत आजादी, सम्मान का अधिकार और अन्य अधिकारों का हवाला दिया गया है।
वहीं इस पूरे मामले में सरकार ने भी अपना पक्ष सुप्रीम कोर्ट में दायर किया है और समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता दिए जाने का विरोध किया है। सरकार का कहना है कि इससे देश के कई कानूनों को बदलना पड़ेगा। साथ ही सरकार की ओर से कहा गया है कि शादी एक पवित्र बंधन है।












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