रेप केस: बीजेपी नेता शाहनवाज हुसैन को 'सुप्रीम' राहत, FIR दर्ज करने के आदेश पर रोक
नई दिल्ली, 22 अगस्त: बीजेपी के वरिष्ठ नेता शाहनवाज हुसैन पिछले काफी दिनों से मुश्किलों में घिरे हुए हैं। पहले तो बिहार की सत्ता जाने से उनकी मंत्री पद की कुर्सी हाथ से निकल गई, तो वहीं 2018 रेप केस का मामला फिर से गर्मा गया। हाल ही में दिल्ली हाईकोर्ट ने शाहनवाज हुसैन के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश पुलिस को दिया था, जिसके बाद वो सुप्रीम कोर्ट पहुंचे, जहां से सोमवार को उन्हें बड़ी राहत मिली। इस मामले की अगली सुनवाई सितंबर में होगी।
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दरअसल एक महिला ने जनवरी 2018 में बीजेपी नेता शाहनवाज हुसैन पर रेप का आरोप लगाया था। महिला का ये भी आरोप था कि पुलिस मामला दर्ज नहीं कर रही। इसके बाद वो निचली अदालत में पहुंची और याचिका दायर कर एफआईआर की मांग की। महिला के मुताबिक हुसैन ने छतरपुर फार्म हाउस में उनके साथ रेप किया और जान से मारने की धमकी दी। उनके राजनीतिक दबाव की वजह से पुलिस केस नहीं दर्ज कर रही। वहां पर पुलिस ने दलील दी थी कि बीजेपी नेता के खिलाफ कोई केस नहीं बनता है, लेकिन अदालत उससे सहमत नहीं हुई और जांच करने का आदेश दिया।
इसके बाद ये केस दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचा। हाल ही में वहां से दिल्ली पुलिस को आदेश मिला कि वो शाहनवाज हुसैन के खिलाफ मामला दर्ज करे। इसके बाद तीन महीनों के अंदर इस केस की जांच पूरी की जाए। हाईकोर्ट ने ये भी कहा था कि सब कुछ होने के बावजूद दिल्ली पुलिस मामला दर्ज करने में हिचक रही है।
पीड़ित से मांगा गया जवाब
हाईकोर्ट के आदेश के बाद हुसैन सुप्रीम कोर्ट पहुंचे, जहां सोमवार को उन्हें राहत मिली। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता के खिलाफ दर्ज आपराधिक शिकायत के संबंध में मुकदमे की सुनवाई से पहले आगे की कार्यवाही रोकी जाए। साथ ही पीड़ित को नोटिस जारी कर सितंबर के तीसरे हफ्ते तक जवाब देने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट ने माना कि प्रथम दृष्टया इस केस पर विचार करने की जरूरत है। ऐसे में वो पीड़ित का जवाब आने के बाद सुनवाई करेंगे।












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