सुप्रीम कोर्ट से वकील दीक्षा द्विवेदी को राहत, हिंसा पर फैक्ट-फाइंडिंग मिशन पर FIR के बाद गिरफ्तारी पर रोक
Supreme Court Woman lawyer News: सुप्रीम कोर्ट से मणिपुर पुलिस की ओर से दर्ज एफआईआर को लेकर एक महिला वकील को राहत मिली है। कोर्ट ने उनको मणिपुर पुलिस की गिरफ्तारी से सुरक्षा प्रदान की है।
अदालत ने मंगलवार को मणिपुर हिंसा पर फैक्ट-फाइंडिंग मिशन पर एफआईआर में दर्ज वकील की गिरफ्तारी पर रोक लगाई दी है। नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन वुमेन की रिपोर्ट में कथित तौर पर हिंसा को 'राज्य प्रायोजित' करार दिया गया था।

महिला वकील पर राजद्रोह, भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश का आरोप लगाया गया। क्योंकि उन्होंने मणिपुर हिंसा के संबंध में फैक्ट-फाइंडिंग मिशन और नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन वुमेन (एनएफआईडब्ल्यू) के हिस्से के रूप में प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लिया था।
चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली बेंच ने वकील दीक्षा द्विवेदी की ओर से पेश सीनियर वकील सिद्धार्थ दवे की दलीलों को सुनते हुए उन्हें गिरफ्तारी से राहत दी। इसी के साथ याचिका को इस शुक्रवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया।
वकील दीक्षा द्विवेदी ने मई से जातीय हिंसा से प्रभावित मणिपुर में उनके द्वारा की गई "तथ्य-खोज" दौरे के बाद ये आरोप लगाए गए। दिल्ली स्थित वकील दीक्षा द्विवेदी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की महिला शाखा - नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन वुमेन (एनएफआईडब्ल्यू) की दो सदस्यीय "तथ्य-खोज टीम" के साथ मणिपुर की चार दिवसीय यात्रा 28 जून से 1 जुलाई के बीच पर गई थीं।
जिसके बाद महिला वकील पर पुलिस ने भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने के अपराध सहित विभिन्न दंडात्मक प्रावधानों का हवाला देते हुए उनके खिलाफ एक FIR दर्ज की थी।












Click it and Unblock the Notifications