देश में बढ़ती नफरत पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा- धर्म के नाम पर हम कहां पहुंच गए हैं
सुप्रीम कोर्ट ने नफरती भाषण (Hate Speech) को लेकर सख्त टिप्पणी की है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा यह 21वीं शताब्दी है, धर्म के नाम पर हम कहां पहुंच गए हैं। हेट स्पीच को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि देश के हालात आश्चर्यचकित करने वाले हैं, देश को धर्म निरपेक्ष होना चाहिए था। बता दें कि गुरुवार को केंद्र और राज्य सरकारों से सुप्रीम कोर्ट ने भारत में मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाने और उन्हें डराने को रोकने के लिए त्वरित हस्तक्षेप करने को लेकर जवाब मांगा था।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नफरती भाषण देने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए। नफरती भाषण देने वालों के खिलाफ धर्म को किनारे करके उनके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। देश में नफरत हावी हो रही है। इस तरह के बयान दिए जा रहे हैं जो विचलित करने वाले हैं। इस तरह के बयानों को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। आखिर यह 21वीं सदी में क्या हो रहा है। हम धर्म के नाम पर कहां पहुंच गए हैं। क्या हमे भगवान ने इतना छोटा बना दिया है।
देश में बढ़ते नफरती माहौल को लेकर शाहीन अब्दुल्ला ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। शाहीन ने याचिका दायर करके सुप्रीम कोर्ट से अपील की थी कि केंद्र और राज्य सरकारों को निर्देश जारी करे कि देश में बढ़ते नफरती माहौल, नफरती अपराध की स्वतंत्र जांच कराए। वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल याचिकाकर्ता की ओर से सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए। कपिल सिब्बल ने कहा कि इससे निपटने के लिए कुछ करने की जरूरत है, उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की जरूरत है जो नफरत फैला रहे हैं, धर्म के नाम पर अपराध कर रहे हैं।
याचिका में अब्दुल्ला ने अपील की है कि जो लोग धर्म के नाम पर अपराध कर रहे हैं और नफरत फैला रहे हैं उनके खिलाफ यूएपीए के तहत सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समुदाय को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है और उन्हें आतंकित किया जा रहा है। सत्ताधारी दल दल के लोग भी नफरती भाषण दे रहे हैं। याचिकाकर्ता ने कहा मुसलमानों के खिलाफ नफरत बढ़ रही है, इसके दूरगामी प्रभाव होंगे। सत्ताधारी दल एक समुदाय विशेष को निशाना बनकर भाषण दे रहे हैं।
कपिल सिब्बल से कोर्ट ने पूछा आप तो खुद कानून मंत्री थे, तो उस वक्त आपने कुछ क्यों नहीं किया। जज ने कहा कि मैं हल्के नोट पर यह सवाल आपसे पूछ रहा हूं। कपिल सिब्बल ने कहा कि भाजपा सांसद प्रवेश वर्मा ने नफरती भाषण दिया। उन्होंने कहा हम मुसलमानों की दुकान से सामान नहीं खरीदेंगे, नौकरी नहीं देंगे, जब इस तरह के बयान पर प्रशासन कुछ नहीं करता है तो हमे कोर्ट आना पड़ता है।












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