सुप्रीम कोर्ट ने दिया आदेश, यौन उत्पीड़न और एसिड अटैक में पुरुषों को भी मिले मुआवजा
यौन उत्पीड़न और एसिड अटैक के पीड़ित पुरुषों को भी अब मुआवजा दिया जाएगा। देश की उच्चतम अदालत सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि नेशनल लीगल सर्विस अथॉरिटी (NALSA) की योजना दोनों पर लागू होती है, ऐसे में मुआवजा महिला और पुरुषों, दोनों को मिलना चाहिए।
नई दिल्ली। यौन उत्पीड़न और एसिड अटैक के पीड़ित पुरुषों को भी अब मुआवजा दिया जाएगा। देश की उच्चतम अदालत सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि नेशनल लीगल सर्विस अथॉरिटी (NALSA) की योजना दोनों पर लागू होती है, ऐसे में मुआवजा महिला और पुरुषों, दोनों को मिलना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने इस स्कीम को पॉक्सो के मामलों की सुनवाई कर रहे जजों को 2 अक्टूबर तक लागू करने के लिए कहा है।

सुप्रीम कोर्ट ने मई में नाल्सा की योजना को मंजूरी देते हुए उसे देशभर में लागू करने के लिए कहा था। कोर्ट ने कहा था कि इस योजना को 2 अक्टूबर तक लागू किया जाएगा। इसपर सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में कहा कि जब तक केंद्र सरकार इसके लिए नियम नहीं लाती है, तब तक पीड़ितों को नाल्सा योजना के तहत मुआवजा दिया जाए। कोर्ट ने कहा कि विशेष अदालतों को मुआवजा दिलाने के लिए पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों का आगे से ध्यान रखना होगा।
नाल्सा योजना के तहत पीड़ितों को कम से कम मुआवजा मिलना ही चाहिए। इसमें बलात्कार पीड़ितों को न्यूनतम 4 लाख और तेजाब पीड़ितों को न्यूनतम 7 लाख रुपये का मुआवजा मिलना चाहिए। वहीं गैंगरेप पीड़ित को न्यूनतम 5 लाख और अधिकतम 10 लाख रुपये मुआवजे का प्रावधान है। अप्राकृतिक यौन उत्पीड़न मामले में पीड़ित को 4-7 लाख रुपये तक मुआवजा मिलना चाहिए। एसिड अटैक के कारण चेहरा पर हमला होने पर 8 लाख रुपये तक मुआवजा मिलने का प्रावधान है।












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