जोशीमठ भू-धंसाव मामले में सुप्रीम कोर्ट का सुनवाई से इनकार, याचिकाकर्ता को उत्तराखंड HC जाने की दी अनुमति
जोशीमठ के लोगों को मरम्मत कार्य और तत्काल राहत प्रदान करने के लिए केंद्र को निर्देश देने के लिए तत्काल हस्तक्षेप की मांग करने वाली याचिका पर विचार करने से इंकार कर दिया है।

Joshimath landslide case: जोशीमठ भू-धंसाव मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को जोशीमठ के लोगों को मरम्मत कार्य और तत्काल राहत प्रदान करने के लिए केंद्र को निर्देश देने के लिए तत्काल हस्तक्षेप की मांग करने वाली याचिका पर विचार करने से इंकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित करने के लिए याचिका के साथ उत्तराखंड HC जाने की अनुमति दी।
उच्चतम न्यायालय ने इस मसले पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की याचिका को सुनने से इनकार कर दिया। उन्हें अपनी याचिका को लेकर उत्तराखंड हाईकोर्ट जाने की अनुमति दी है। अविमुक्तेश्वरानंद ने जोशीमठ संकट को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग को लेकर याचिका दायर की थी। वहीं, सुनवाई के दौरान उत्तराखंड सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि हाई कोर्ट में मामले को सुनवाई चल रही है।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने जमीन धंसने से प्रभावित हो रहे जोशीमठ के लोगों के पुनर्वास और उनकी संपत्ति का बीमा कराए जाने की मांग की थी। साथ ही उन्होंने तपोवन-विष्णुगड बिजली परियोजना पर रोक की मांग भी की थी। सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ ने कहा कि 12 जनवरी को हाई कोर्ट ने इसी मामले पर आदेश पारित किए हैं, हाई कोर्ट ने विशेषज्ञ कमिटी के गठन पर जवाब मांगा है। सरकार और NTPC को जोशीमठ में निर्माण फिलहाल बंद रखने के लिए भी कहा है।
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सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले भी इस मामले पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया था। इसके बाद जोशीमठ मामले को 16 जनवरी को सुनवाई के लिए चिह्नित किया गया था लेकिन मंगलवार को इस बारे में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 'हर केस की जल्द सुनवाई नहीं हो सकती है , इन मामलों के लिए लोकतांत्रिक संस्थाएं हैं, जो काम कर रही हैं।'
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