तेलंगाना के CM रेवंत रेड्डी पर भड़क गया सुप्रीम कोर्ट, कहा- राजनीतिक दलों से पूछकर नहीं देंगे कोई आदेश
Telangana CM Revanth Reddy: तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार 29 अगस्त को कड़ी चेतावनी दी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर कोर्ट का सम्मान नहीं किया गया तो केस को कहीं और ट्रांसफर किया जा सकता है। 2015 के कैश-फॉर-वोट मामले को तेलंगाना से बाहर ले जाने की याचिका पर सुनवाई 2 सितंबर तक के लिए टाल दी गई है।
सुप्रीम कोर्ट ने सीएम रेवंत रेड्डी द्वारा सुप्रीम कोर्ट के बारे में दिए गए बयानों पर कड़ी असहमति जताई। कोर्ट ने टिप्पणी की कि संवैधानिक अधिकारी के लिए इस तरह से बोलना अनुचित है। आलोचना के बावजूद सुप्रीम कोर्ट ने अपने विवेक के अनुसार कर्तव्यों का पालन करने की अपनी प्रतिबद्धता पर जोर दिया।

सर्वोच्च न्यायालय की प्रतिक्रिया
सुप्रीम कोर्ट ने सवाल किया कि क्या उसे कोई आदेश पारित करने से पहले किसी राजनीतिक दल से परामर्श करना चाहिए। 2015 के कैश-फॉर-वोट मामले में भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के विधायक गुंटाकंडला जगदीश रेड्डी और तीन अन्य का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता सी आर्यमा सुंदरम ने मामले की सुनवाई को स्थानांतरित करने की मांग करते हुए याचिका दायर की थी।
गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने 2015 के कैश-फॉर-वोट घोटाले के लिए विशेष अभियोजक नियुक्त करने की योजना की घोषणा की। इस मामले में तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी आरोपी हैं। उन्हें 31 मई, 2015 को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने गिरफ्तार किया था।
कैश-फॉर-वोट मामले का विवरण
गिरफ्तारी के समय रेवंत रेड्डी तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) से जुड़े थे। उन पर आरोप है कि उन्होंने विधान परिषद चुनाव के दौरान टीडीपी उम्मीदवार वेम नरेंद्र रेड्डी के लिए समर्थन हासिल करने के लिए मनोनीत विधायक एल्विस स्टीफेंसन को 50 लाख रुपये की रिश्वत की पेशकश की थी।
रेवंत रेड्डी के अलावा एसीबी ने कई अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया था। हालांकि, बाद में सभी को जमानत मिल गई। रेवंत रेड्डी ने पिछले साल दिसंबर में तेलंगाना के मुख्यमंत्री का पद संभाला था।












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