चार साल पहले भी उठा था राहुल गांधी की नागरिकता का मुद्दा, तब सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा था
नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections 2019) के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की नागरिकता पर कई बार सवाल उठे हैं। अब इस मुद्दे पर गृह मंत्रालय ने राहुल गांधी को नोटिस भेजा है। राहुल गांधी की नागरिकता का मुद्दा पहले भी उठता रहा है, साल 2015 में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में इसी मामले में एक जनहित याचिका की गई थी जिसमें राहुल गांधी की कथित ब्रिटिश नागरिकता के मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की गई थी।

सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की थी याचिका
सर्वोच्च न्यायालय ने इसे फर्जी बताया था और तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश एचएल दत्तू एवं न्यायमूर्ति अमितव रॉय (अब सेवानिवृत्त) की खंडपीठ ने वकील एम.एल. शर्मा को कड़ी फटकार लगाई थी। कोर्ट ने कहा था कि किसी एक व्यक्ति को केंद्रित कर जनहित याचिका दायर नहीं की जा सकती है। कोर्ट ने इस मामले को बेहद छोटा बताते हुए याचिका को खारिज कर दिया था।

वकील को कोर्ट ने लगाई थी फटकार
तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश एचएल दत्तू की अध्यक्षता वाली पीठ ने पूछा था, 'आपको कैसे पता कि ये दस्तावेज प्रामाणिक है?' लेकिन वकील एमएल शर्मा बार-बार कोर्ट से गुहार लगाते रहे कि उनकी अर्जी पर सुनवाई की जाए। इसपर मुख्य न्यायाधीश एचएल दत्तू ने सख्त लहजे में कहा था, 'मेरे रिटायरमेंट में केवल दो दिन बचे हैं, मुझे मजबूर मत कीजिए कि मैं आपके ऊपर जुर्माना लगा दूं।' 2 दिसंबर 2015 को वे रिटायर हो गए थे।
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राहुल की नागरिकता का मुद्दा एक बार फिर गरमाया
दरअसल, बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने मंत्रालय को लिखा था कि कांग्रेस नेता की नागरिकता समाप्त कर दी जाए। उन्होंने कहा था कि राहुल गांधी ने लंदन में एक निजी कंपनी चलाने के लिए खुद को 2003-2009 के दौरान ब्रिटिश नागरिक घोषित किया है। पत्र में कहा गया था, 'कंपनी का नाम बैकॉप्स लिमिटेड है और इस कंपनी के निदेशक और सचिव मौजूदा लोकसभा सदस्य राहुल गांधी हैं।'

गृह मंत्रालय ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को नोटिश भेजा
बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी की शिकायत पर गृह मंत्रालय ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को नोटिश भेजा है। राहुल गांधी को इस संबंध में 15 दिनों के भीतर जवाब दाखिल करना है। गृह मंत्रालय के निदेशक (नागरिकता) बीसी जोशी द्वारा लिखे गए पत्र में कहा गया, 'मंत्रालय को डॉ सुब्रह्मण्यम स्वामी की तरफ से एक शिकायत मिली है, जिसमें जानकारी दी गई है कि बैकऑप्स लिमिटेड नामक कंपनी को साल 2003 में यूके में रजिस्टर किया गया था, जिसका पता 51 साउथगेट स्ट्रीट, विंचेस्टर, हैम्पशर SO23 9EH था, और आप उसके निदेशकों में से एक व सचिव थे।'












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