SC का बड़ा फैसला, मतदाताओं को मिला किसी को भी वोट ना देने का अधिकार

हालांकि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बावजूद सभी राजनीतिक दल एक होकर इस निर्णय में अड़ंगा लगा सकती है। अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि कोर्ट ने फैसले में कोई समय सीमा निर्धारित की है या नहीं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश को अध्यादेश लाकर रद्द किया जा सकता है।
वहीं आम आदमी पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का स्वागत किया है। आम आदमी पार्टी के संस्थापक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अगर कोई पार्टी इस फैसले का विरोध करती है तो उसे बेनकाब किया जायेगा। मालूम हो कि समाजसेवी अन्ना हजारे और अरविंद केजरीवाल काफी पहले से 'राइट टू रिजेक्ट' की मांग करते रहे हैं।












Click it and Unblock the Notifications